देश की खबरें | अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के खिलाफ दलील रखने वाले व्याख्याता का निलंबन तो बस शुरुआत है: महबूबा मुफ्ती

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को तंज कसते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त किये जाने से संबंधित मामले में उच्चतम न्यायालय में दलील पेश करने वाले जम्मू कश्मीर शिक्षा विभाग के एक व्याख्याता का निलंबन तो केवल एक शुरुआत है।

श्रीनगर, 28 अगस्त पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को तंज कसते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त किये जाने से संबंधित मामले में उच्चतम न्यायालय में दलील पेश करने वाले जम्मू कश्मीर शिक्षा विभाग के एक व्याख्याता का निलंबन तो केवल एक शुरुआत है।

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने वरिष्ठ व्याख्याता जहूर अहमद भट को ‘जम्मू कश्मीर सिविल सेवा विनियमन, जम्मू कश्मीर सरकार कर्मचारी (आचरण) नियम, 1971, जम्मू कश्मीर अवकाश नियम’ के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर निलंबित कर दिया।

वह कुछ दिन पहले ही अनुच्छेद 370 को समाप्त किये जाने के खिलाफ एक पक्ष के रूप में उच्चतम न्यायालय में पेश हुए थे।

उन्हें श्रीनगर में उनके पदस्थापना वाले स्थान से हटाकर स्कूल शिक्षा निदेशक, जम्मू के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया, वहीं उनके आचरण के मामले में गहन जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की गयी।

महबूबा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यह तो बस शुरुआत है। अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर की जनता को चुनना होगा। या तो वे मूकदर्शक बने रहकर अपनी रोजी-रोटी, नौकरी और जमीन छिनते हुए देखें या आवाज उठाने का अंजाम भुगतें। हर कश्मीरी उच्चतम न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटा सकता।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में भट के निलंबन का मुद्दा उठाया था। उच्चतम न्यायालय ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मामले में विचार करने को कहा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने शीर्ष अदालत में इस मुद्दे को उठाने के लिए सिब्बल का शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जहूर भट का मसला उच्चतम न्यायालय में उठाने के लिए कपिल सिब्बल का शुक्रगुजार हूं। जहूर व्याख्याता हैं जिन्हें पांच अगस्त, 2019 के घटनाक्रम के खिलाफ संविधान पीठ के सामने उनकी याचिका पर दलीलें रखकर घाटी में लौटते ही निलंबित कर दिया गया।’’

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने भट के निलंबन का संज्ञान लिया जिन्होंने 24 अगस्त को मामले में व्यक्तिगत रूप से याचिकाकर्ता के रूप में दलील रखी थीं।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को जैसे ही सुनवाई शुरू की, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और राजीव धवन ने इस ओर संकेत किया कि भट को शीर्ष अदालत के समक्ष दलीलें रखने के बाद जम्मू कश्मीर प्रशासन ने निलंबित किया है।

सिब्बल ने कहा, ‘‘उन्होंने दो दिन की छुट्टी ली थीं। इस अदालत में दलीलें पेश करके वह वापस गए और निलंबित कर दिये गये।’’

पीठ ने कहा कि यदि अन्य कारण हैं तो यह दूसरा ही मामला है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को इस अदालत में दलील रखने के आसपास निलंबित किया जाता है तो इसे देखने की जरूरत है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\