देश की खबरें | पवार के पत्र संबंधी प्रधानमंत्री के उल्लेख पर सुप्रिया सुले ने किया पलटवार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एपीएमसी और कृषि सुधारों पर पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार के सुर बदलने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि वास्तव में इस सरकार ने आधार, जीएसटी, मनरेगा सहित अनेक मुद्दों पर ‘यू-टर्न’ लेने का काम किया है।

नयी दिल्ली, 10 फरवरी एपीएमसी और कृषि सुधारों पर पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार के सुर बदलने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि वास्तव में इस सरकार ने आधार, जीएसटी, मनरेगा सहित अनेक मुद्दों पर ‘यू-टर्न’ लेने का काम किया है।

लोकसभा में वर्ष 2021-22 के बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए शरद पवार की पुत्री सुले ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के कथन का उल्लेख किया और कहा, ‘‘मैं कुछ तथ्यों के साथ बात रखना चाहती हूं। प्रधानमंत्री जी ने पवार साहब द्वारा मुख्यमंत्रियों को लिखे गए जिस पत्र का उल्लेख किया, उसकी वो पंक्तियां मैं पढ़ रही हूं जो उन्होंने नहीं पढ़ी।’’

पवार के पत्र का अंश पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि इस पत्र में स्पष्ट किया गया था कि सबकी राय के आधार पर ही आगे बढ़ा जायेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने यू-टर्न शब्द का इस्तेमाल किया। मैं सरकार के यू-टर्न गिनाती हूं।’’

सुप्रिया सुले ने कहा कि जीएसटी, मनरेगा, आधार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के समय की कई योजनाओं को लेकर भाजपा की क्या राय थी ?

राकांपा नेता ने कहा कि मनरेगा पर प्रधानमंत्री ने एक बयान दिया था, लेकिन इस कोरोना संकट के समय यह मनरेगा ही सबसे बड़ा सहारा बना।

उन्होंने कहा कि आधार का भाजपा ने कड़ा विरोध किया था और उन्होंने इसे खारिज कर दिया था और आज वे इसकी तारीफ कर रहे हैं। क्या ये यू-टर्न नहीं है?

उन्होंने सवाल किया कि क्या उस वक्त पवार साहब द्वारा मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र को लेकर कोई विरोध हुआ था?

सुले ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इस सरकार ने सांसदों से पूछे बिना सांसद निधि को ले लिया, लेकिन महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री ने किसी भी विधायक की निधि नहीं रोकी। देश की वित्त मंत्री और मेरे प्रदेश के वित्त मंत्री में यही फर्क है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राकांपा नेता शरद पवार का जिक्र किया और कहा कि जब वह संप्रग सरकार में कृषि मंत्री थे तो उन्होंने भी इस तरह के सुधारों की बात कही थी लेकिन आज उनका सुर बदल गया है।

मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने देश को इतने साल तक चलाया, ऐसा नहीं है कि उन्हें किसानों की समझ नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह आज एकदम से उल्टी बात कर रहे हैं ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पवार से मंडियों में मिलीभगत को लेकर पूछा गया तो पवार ने उस समय कहा था कि किसानों के बचाव के लिए ही एपीएमसी कानून को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि किसानों को एपीएमसी का विकल्प मिल सके, जिससे मंडी में सांठगांठ खत्म हो सके ।

मोदी ने कहा कि उन्होंने (पवार) एपीएमसी कानून को लेकर भी बात कही थी और कहा था कि एपीएमसी एक्ट को बदल दिया और 24 नये बाजार बन चुके हैं । इस बात को गर्व से कहा था और आज एकदम उल्टी बात कह रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि इसलिये शक होता है..... आपने किसानों को भ्रमित करने के लिये यह रास्ता क्यों चुना है ।

मोदी ने कहा कि हम विकासशील राजनीति में विश्वास करते हैं । उसके बाद उन्होंने भोजपुरी कहावत का जिक्र करते हुए कहा- ‘‘ना खेलब, ना खेले देब, खेलवे बिगाड़ देब’’ । जिसका मतलब है कि न खेलेंगे, न खेलने देंगे, खेल बिगाड़ देंगे।

हक वैभव दीपक

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