कोलकाता, सात मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को दावा किया कि यादवपुर विश्वविद्यालय में जारी गतिरोध “कृत्रिम रूप से खड़ा किया गया” है और अगर अधिकारी वास्तव में मंशा रखते हैं, तो इसे सुलझाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक कारणों से लंबा खींचा जा रहा है।
मजूमदार ने निवेश शिखर सम्मेलन रोड शो में पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के विश्वविद्यालय दौरे के समय पर सवाल उठाया, जो अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है।
मजूमदार ने कहा, “अगर वाकई मंशा है, तो गतिरोध को सुलझाया जा सकता है। चुनाव से ठीक पहले शिक्षा मंत्री को दौरा करने की क्या जरूरत पड़ गई? यह एक सुनियोजित कदम है और गतिरोध निकट भविष्य में खत्म नहीं होगा, क्योंकि यह राजनीति से प्रेरित है। हालांकि, बंगाल के लोग इस बात से वाकिफ हैं।”
भाजपा नेता ने यादवपुर विश्वविद्यालय की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों में “बुद्धिजीवी नक्सली” मौजूद हैं।
मजूमदार ने कहा कि वह स्थिति को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस और उनके कार्यालय के साथ व्यक्तिगत रूप से संपर्क में हैं।
उन्होंने दावा किया कि राज्यपाल ने कुलपति को बुलाया था, लेकिन कुलपति उनसे नहीं मिल पाए, क्योंकि वह अब भी उच्च रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
यादवपुर विश्वविद्यालय में जारी विरोध-प्रदर्शन और प्रशासनिक गतिरोध के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है तथा छात्र संगठन व अधिकारी विभिन्न मांगों को लेकर आमने-सामने हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने अधिकारियों को उनसे संपर्क करने के लिए सोमवार तक की समयसीमा दी है और ऐसा न करने पर उन्होंने प्रशासनिक कार्यालयों को ताला लगाने की धमकी दी है।
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