सूडान अप्रैल में तब अराजकता की गिरफ्त में आ गया था जब जनरल अब्दुल फतेह बुरहान की अगुवाई में सेना तथा मोहम्मद हमदान दागलो के नेतृत्व वाले रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच गहराते तनाव ने विस्फोटक रूप ले लिया तथा खारतूम एवं अन्यत्र दोनों के बीच संघर्ष शुरू हो गया।
सूडान टीवी पर अपने भाषण में बुरहान ने आएसएफ एवं दागलो पर लोकतंत्र बहाल करने के झूठे वादे की आड़ में उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
सूडान के सशस्त्र बलों के वार्षिक दिवस पर अपने भाषण में उन्होंने कहा, ‘‘ युद्ध अपराध कर आप कैसे लोकतंत्र ला सकते हैं?’’
मानवाधिकार के लिए काम करने वाले संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दोनों ही पक्षों पर आम नागरिकों की जानबूझकर हत्या करने और यौन हमला करने समेत बड़े पैमाने पर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 56 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बलात्कार के करीब -करीब सभी मामलों के लिए आरएसएफ और उसके संबद्ध अरब मिलीशिया जिम्मेदार हैं।
एपी
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