कोलकाता, पांच अगस्त एसयूसीआई (सी) ने भाजपा के खिलाफ लड़ाई में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की इस गठबंधन का हिस्सा होने के लिए आलोचना की, जिसमें पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भी सहयोगी है।
सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने लगभग 35 वर्षों के बाद यहां प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड मैदान में एक रैली आयोजित की और कथित कुशासन एवं कथित जनविरोधी नीतियों को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना की।
एसयूसीआई (सी) के महासचिव प्रभाष घोष ने रैली को संबोधित करते हुए पूंजीवादी और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस के कार्यकाल में ही देश में पूंजीवादी ताकतें मजबूत हुईं और कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान भी देश में सांप्रदायिक दंगे हुए। यह ‘इंडिया’ गठबंधन किसका प्रतिनिधित्व कर रहा है? क्या यह देश के उत्पीड़ित और गरीब तबके का प्रतिनिधित्व करता है?’’
यह सवाल करते हुए कि क्या ‘इंडिया’ के सत्ता में आने पर गरीबों को फायदा होगा और सांप्रदायिक सद्भाव सुरक्षित हाथों में रहेगा, घोष ने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘भाजपा को हराया जाना चाहिए लेकिन स्पष्ट रूप से परिभाषित राजनीति और सर्वहारा वर्ग की नीतियों के माध्यम से।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को हराना ही होगा। हालांकि यह सिर्फ कुछ राजनीतिक दलों के साथ मिलकर नहीं किया जा सकता, बल्कि स्पष्ट रूप से परिभाषित राजनीति और नीतियों के जरिए किया जा सकता है।’’
घोष ने माकपा की निंदा करते हुए सवाल किया कि यह उस गठबंधन का हिस्सा कैसे हो सकती है जिसमें टीएमसी भी सहयोगी है।
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