फास्फेट, पासटस उर्वरकों पर सब्सिडी दरें तय, इन पर सब्सिडी 22,186 करोड़ रुपये रहने का अनुमान

सरकार ने कहा है कि उर्वरकों पर कुल सब्सिडी व्यय चालू वित्त वर्ष के दौरान 5 से 7 प्रतिशत ऊंचा रह सकता है। हालांकि, अलग अलग पोषक तत्वों --नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर-- के लिहाज से नई सब्सिडी दरें पिछले साल के मुकाबले कम हैं।

जमात

नयी दिलली, 22 अप्रेल सरकार ने बुधववार को फास्फोटिक और पोटाशिक (पी एण्ड के) उर्वरकों के लिये पोषण आधारित सब्सिडी दरें तय कर दीं हैं। वर्ष के दौरान इन उर्वरकों की सब्सिडी का सरकारी खजाने पर कुल 22,186.55 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान लगाया गया है।

सरकार ने कहा है कि उर्वरकों पर कुल सब्सिडी व्यय चालू वित्त वर्ष के दौरान 5 से 7 प्रतिशत ऊंचा रह सकता है। हालांकि, अलग अलग पोषक तत्वों --नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर-- के लिहाज से नई सब्सिडी दरें पिछले साल के मुकाबले कम हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बेठक में यह निर्णय लिया गया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, ‘‘सीसीईए ने वर्ष 2020- 21 के लिये फास्फेट और पोटाश वाले (पी एण्ड के) उर्वरकों के लिये पोषण आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2020- 21 के दौरान पीएण्डके उर्वरकों पर सब्सिडी के तहत कुल खर्च 22,186.55 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।’’

उन्होंनें कहा कि कुल सब्सिडी खर्च में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि है।

पीएण्ड के उर्वरकों पर दी जाने वाली सब्सिडी का निर्धारण अप्रैल 2010 में शुरू की गई पोषक आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना के तहत किया जाता है।

उर्वरक मंत्रालय ने इस अवसर पर जारी एक वक्तव्य में कहा है कि चालू वित्त वर्ष के लिये नाइट्रोजन पर सब्सिडी को पिछले साल के 18.90 रुपये से घटाकर 18.78 रुपये प्रति किलो, फास्फोरस पर 15.21 रुपये से घटाकर 14.88 रुपये किलो, पोटाश पर 11.12 रुपये से घटाकर 10.11 रुपये किलो और सल्फर पर 3.56 रुपये से घटाकर 2.37 रुपये किलो किया गया है।

सीसीईए ने इसके साथ ही एनबीएस में एक काम्प्लेक्स उर्वरक अमोनियम फास्फेट (एनपी14:28:0:0) को भी शामिल करने को मंजूरी दी है।

सरकार ने वर्ष 2010 में पोषण आधारित सबसिडी (एनबीएस) कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत यूरिया को छोड़कर सब्सिडी पर उपलब्ध कराये जाने वाले फोस्फेटिक और पाटाशिक (पीएण्डके) उर्वरकों के प्रत्येक ग्रेड के लिये सालाना आधार पर सब्सिडी राशि तय की जाती है। यह सब्सिडी उनमें मौजूद पोषक तत्व के आधार पर तय की जाती है।

इसके अलावा डायअमोनियम फास्फेट (डीएपी) मुरिएट आफ पोटाश (एमओपी) और एनपीके जैसे गैर- यूरिया उर्वरकों के दाम नियंत्रण मुक्त किये जा चुके हैं और इनका निर्धारण इनके विनिर्माताओं द्वारा ही किया जाता है। केन्द्र सरकार हर साल उन्हें एक निर्धारित सब्सिडी उपलब्ध कराती है।

जहां तक यूरिया की बात है सरकार इसका अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) तय कर देती है उसके बाद उत्पादन लागत और तय किये गये एमआरपी के बीच जो अंतर होता है वह विनिर्माताओं को उपलब्ध करा दिया जाता है। सरकार उर्वरकों और यूरिया तथा 21 ग्रेड के पीएण्डके उर्वरकों को किसानों को सस्ते दाम पर सुलभ कराने के लिए विनिर्माताओं अथवा आयातकों को सब्सिडी की राशि देती है।

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