देश की खबरें | तदर्थ शिक्षकों को हटाए जाने पर छात्रों ने रामजस कॉलेज के प्रधानाचार्य कार्यालय का 'घेराव' किया

नयी दिल्ली, चार दिसंबर दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रामजस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग से आठ तदर्थ शिक्षकों को कथित रूप से हटाए जाने के खिलाफ सोमवार को कॉलेज के प्रधानाचार्य के कार्यालय का 'घेराव' किया।

रामजस कॉलेज की कार्यकारी प्रधानाचार्य हरदीप कौर से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर हटाए गए एक शिक्षक ने कहा कि शिक्षकों को हटाया जाना एक वैचारिक कदम है।

उन्होंने कहा, ''हमारे पास दूसरी नौकरी ढूंढने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। शिक्षकों को हटाया जाना राजनीति से प्रेरित है और नयी भर्ती एक निश्चित विचारधारा के अनुरूप की गई है।''

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) से संबंधित छात्र समूह आईसा ने एक बयान में कहा, ''रामजस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में तदर्थ शिक्षकों को हटाए जाने के राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम के खिलाफ आईसा कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर कॉलेज के प्रधानाचार्य के कार्यालय का घेराव किया।''

छात्र समूह ने कहा कि वे मंगलवार को भी प्रधानाचार्य के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

कॉलेज के अंग्रेजी विभाग ने अपनी भर्ती प्रक्रिया में 10 में से आठ शिक्षकों को स्थायी पदों के लिए नहीं चुना, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की सचिव आभा देव हबीब ने कहा, ''रामजस के अंग्रेजी विभाग को सर्वश्रेष्ठ विभागों में से एक माना जाता है और ऐसा तदर्थ शिक्षकों के योगदान के बिना संभव नहीं था। कैसे एक कॉलेज पिछले कई वर्षों से काम कर रहे शिक्षकों को हटा सकता है? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशिक्षित शिक्षकों को हटाकर ऐसे शिक्षकों को काम पर रखा जा रहा है, जिनके पास एक दिन भी पढ़ाने का अनुभव नहीं है।''

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