देश की खबरें | चंपावत में विद्यालय के शौचालय की छत टूटने से छात्र की मौत, तीन अन्य घायल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के चंपावत जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में प्राथमिक विद्यालय के शौचालय की छत गिरने से एक छात्र की मौत हो गई और उसके भाई सहित तीन अन्य घायल हो गए। घटना में घायल होने वाले विद्यार्थियों में दो बहनें भी शामिल हैं ।

चंपावत, 14 सितंबर उत्तराखंड के चंपावत जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में प्राथमिक विद्यालय के शौचालय की छत गिरने से एक छात्र की मौत हो गई और उसके भाई सहित तीन अन्य घायल हो गए। घटना में घायल होने वाले विद्यार्थियों में दो बहनें भी शामिल हैं ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृत छात्र के परिजनों को दो लाख रूपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है ।

जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने यहां बताया कि हादसा पाटी विकास खंड के मौनकांडा प्राथमिक विद्यालय में मध्यावकाश के समय हुआ जब खेलने के दौरान बच्चे

शौचालय की छत पर चढ गए और वह टूटकर नीचे गिर गयी।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना में तीसरी कक्षा में अध्ययनरत आठ वर्षीय चंदन सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी । अधिकारी ने बताया कि घटना में चंदन के भाई रिंकू के अलावा सोनी और शगुन नाम की दो बहनें घायल भी हुई हैं, जिनका चिकित्सा टीम ने तत्काल मौके पर पहुंच कर उपचार किया।

अधिकारी ने बताया कि घायल बच्चों की चोटें गंभीर नहीं है और वे सभी खतरे से बाहर हैं ।

जिलाधिकारी ने कहा कि घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी ।

उधर, चंपावत के मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र सक्सेना ने बताया कि जिस शौचालय की छत गिरने से दुर्घटना हुई, वह निष्प्रयोज्य था और उपयोग में नहीं लाया जा रहा था ।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में बने एक अन्य शौचालय को छात्रों द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा था।

मुख्यमंत्री ने चंपावत में छात्र की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है तथा उसके परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रु की सहायता राशि देने की घोषणा की है ।

घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सरकारी स्कूल भवनों का निरीक्षण कर लिया जाए और जरूरत के अनुसार भवनों के मरम्मत संबंधी काम करवा लिये जायें ।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कक्षाएं पूरी तरह से सुरक्षित भवनों में ही संचालित हों ।

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