जरुरी जानकारी | राज्यों ने ‘वेज़ एण्ड मींस’ सुविधा के तहत पिछले सप्ताह तक 14 प्रतिशत राशि ही उठाई: ठाकुर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस महामारी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यो पर बढ़े खर्च के बीच केन्द्र से मदद की मांग कर रहे राज्यों ने पिछले सप्ताह तक रिजर्व बैंक की ‘वेज़ एण्ड मींस’ रिण सुविधा के 14 प्रतिशत के बराबर राशि ही उठाई थी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 29 मई कोरोना वायरस महामारी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यो पर बढ़े खर्च के बीच केन्द्र से मदद की मांग कर रहे राज्यों ने पिछले सप्ताह तक रिजर्व बैंक की ‘वेज़ एण्ड मींस’ रिण सुविधा के 14 प्रतिशत के बराबर राशि ही उठाई थी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी।

ठाकुर ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, रिजर्व बैंक की ‘वेज़ एण्ड मींस’ की सुविधा के तहत पिछले सप्ताह तक राज्यों ने 14 प्रतिशत पैसा ही उठाया था। उन्होंने कहा कि केन्द्र राज्यों की हर संभव मदद करने के लिये तैयार है। ‘‘संकट की इस घड़ी में यदि कोई राज्य हमसे अतिरिक्त सहायता की मांग करता है तो केन्द्र सरकार इस पर खुले दिमाग से विचार करेगी।’’ यह सुविधार राज्यों को रोजमर्रा के खर्च के लिए धन की तात्कालिक कमी से निपटने को लिए एक सीमित स्तर के अल्पकालिक उधार की सुविधा है।

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ठाकुर से पूछा गया था कि महाराष्ट्र जैसे राज्य जो कि महामारी से अधिक जूझ रहे हैं यदि वह अतिरिक्त सहायता की मांग करते हैं तो क्या केन्द्र उनकी मदद करेगा?

उन्होंने कहा कि केन्द्र ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार के साथ ही सबसे पहले राज्यों को संकट से निपटने के लिये ‘‘राज्य आपदा कोष’’ के रूप में 11,000 करोड़ रुपये दिये। इसके बाद रिजर्व बैंक ने वेज एंड मीन्स के तहत सुविधा 60 प्रतिशत बढ़ा दी। वेज़ एण्ड मींस में राज्यों को 51,000 करोड़ रुपये तक प्राप्त हो सकते हैं।

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वित्तीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) कानून के तहत राज्यों को बाजार से पांच प्रतिशत तक उधार जुटाने की सुविधा भी दी गई है। पहले यह सीमा तीन प्रतिशत थी। एक अनुमान के मुताबिक उधार की सीमा बढ़ाने से राज्यों को 4.25 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी।

ठाकुर ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र यदि अतिरिक्त समर्थन मांगता है तो केन्द्र सरकार इसके लिये तैयार है। सरकार इस मामले में खुले दिमाग से विचार करेगी। केन्द्र सरकार ने राज्यों की मदद के लिये कई उपाय किये हैं फिर भी यदि कोई राज्य मदद मांगता है तो केन्द्र बड़े भाई के नाते मदद को तैयार है।’’

उन्होंने कहा कि हाल में आये तूफान से हुये नुकसान में राहत पहुंचाने के लिये पश्चिम बंगाल को 1,000 करोड़ रुपये और ओडिशा को 500 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

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