देश की खबरें | स्टालिन ने मुख्यमंत्रियों से परिसीमन पर संयुक्त कार्रवाई समिति में शामिल होने का आग्रह किया

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चेन्नई, सात मार्च तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब, ओडिशा के अपने समकक्षों और विभिन्न पार्टी प्रमुखों को पत्र लिखकर उन्हें राज्य का साथ देने और लोकसभा सीट के परिसीमन पर एक संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।

स्टालिन ने 22 मार्च 2025 को चेन्नई में जेएसी की पहली बैठक का प्रस्ताव रखा और नेताओं से ‘‘आगे की दिशा में सामूहिक प्रयास’’ करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्रियों और विभिन्न पार्टी प्रमुखों को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है, जिसके दो संभावित तरीके हैं।

उन्होंने कहा कि पहले मामले में, मौजूदा 543 सीट को राज्यों के बीच पुनर्वितरित किया जा सकता है और दूसरे मामले में, सीट की कुल संख्या 800 से अधिक की जा सकती है।

स्टालिन ने कहा, ‘‘दोनों ही स्थितियों में, यदि यह कवायद 2026 के बाद की जनसंख्या पर आधारित है, तो वे सभी राज्य जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण उपायों को सफलतापूर्वक लागू किया है, उन्हें काफी नुकसान होगा। हमें जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को बनाए रखने के लिए इस तरह दंडित नहीं किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता के बावजूद, केंद्र सरकार ने न तो स्पष्टता दिखाई है और न ही चिंताओं को दूर करने के लिए कोई ठोस प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।

स्टालिन ने पूछा, ‘‘जब हमारे लोकतंत्र की नींव ही दांव पर लगी हो, तो क्या हम ऐसे अस्पष्ट आश्वासनों को स्वीकार कर सकते हैं? जब हमारे राज्यों का भविष्य अधर में लटका हो, तो क्या हम पारदर्शी संवाद के हकदार नहीं हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें मिलकर इस चुनौती के संवैधानिक, कानूनी और राजनीतिक आयामों की जांच करनी चाहिए। हमें मिलकर ऐसे विकल्प विकसित करने चाहिए, जो प्रतिशत के लिहाज से हमारे मौजूदा प्रतिनिधित्व को बनाए रखें।’’

स्टालिन ने प्रस्तावित जेएसी में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्रियों/पार्टी प्रमुखों की औपचारिक सहमति मांगी, जिसमें दक्षिण में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक, पूर्व में पश्चिम बंगाल और ओडिशा तथा उत्तर क्षेत्र में पंजाब शामिल हैं।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख ने कहा कि नेतागण अपनी पार्टी से एक वरिष्ठ प्रतिनिधि को नामित करें, जो जेएसी में काम कर सके और एकीकृत रणनीति के समन्वय में मदद दे सके।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की परिसीमन योजना को संघवाद पर एक जबरदस्त हमला बताया, जो जनसंख्या नियंत्रण और सुशासन सुनिश्चित करने वाले राज्यों को दंडित करती है।

स्टालिन ने कहा कि उन्होंने केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। साथ ही, उन्होंने केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब की पार्टियों के प्रमुखों को पत्र लिखकर इस अनुचित कवायद के खिलाफ बिना किसी समझौते के लड़ने का आह्वान किया है।

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