नयी दिल्ली,18 मई दिल्ली में विशेष सचिव (सतर्कता) वाई वीवी जे राजशेखर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) की ओर से उनके खिलाफ भेजा गया कानूनी नोटिस ‘मनगढ़ंत’ है और विभिन्न निहित स्वार्थों की वजह से इसका प्रसार किया जा रहा है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ने मामले को लेकर भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा है।
राजशेखर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मामले की जांच कराने का आग्रह किया है।
यह दावा किया गया है कि एनजीओ अभिनव समाज ने "भ्रष्टाचार, जालसाजी और उत्पीड़न" के आरोपों पर राजशेखर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली सरकार को कानूनी नोटिस भेजा था। एनजीओ के अध्यक्ष जीके गुप्ता ने कहा कि उन्होंने "फर्जी" कानूनी नोटिस को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा, “ अभिनव समाज द्वारा ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था।”
उल्लेखनीय है कि 2012 बैच के आईएएस अधिकारी, दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाला, मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास का नवीनीकरण और दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के आवास के निर्माण के लिए एक विरासत ढांचे को तोड़ने जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी कर रहे थे। उन्हें 13 मई को दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज के निर्देश पर पद से हटा दिया गया था।
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