देश की खबरें | सपा विधायक नितिन अग्रवाल का विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा समर्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक नितिन अग्रवाल का उत्तर प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।

लखनऊ, 17 अक्टूबर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा समर्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक नितिन अग्रवाल का उत्तर प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।

राज्य विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सपा के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र सिंह वर्मा और पार्टी के बागी विधायक नितिन अग्रवाल ने रविवार को अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मतदान सोमवार को होगा।

उल्लेखनीय है कि परंपरागत तौर पर मुख्य विपक्षी दल के विधायक को ही विधान सभा उपाध्यक्ष बनाया जाता रहा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल को समर्थन दिया है। नितिन अग्रवाल के पिता एवं पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे।

उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में इस समय भाजपा के 304 सदस्य हैं लिहाजा नितिन का विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है। सदन में सपा के 49, बसपा के 16, अपना दल के नौ, कांग्रेस के सात, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चार और तीन निर्दलीय, दो असंबद्ध सदस्य, राष्ट्रीय लोकदल और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के एक-एक सदस्य हैं।

नितिन अग्रवाल के नामांकन के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के अलावा नरेश अग्रवाल भी मौजूद थे। नितिन अग्रवाल ने नामांकन के समय नीले रंग का पटका पहना था जिस पर 'जय श्री राम' लिखा था।

नितिन ने इस अवसर पर कहा, ‘‘मैंने चार सेट नामांकन पत्र दाखिल किया है और मेरे प्रस्तावकों में राकेश सिंह (हरचंदपुर से कांग्रेस विधायक), अनिल सिंह (पुरवा से बहुजन समाज पार्टी विधायक), संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, राज्‍य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार और विधायक राजपाल वर्मा शामिल हैं।’’

नितिन द्वारा नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कहा, ‘‘भाजपा ने सभी संसदीय परंपराओं का पालन किया है।'' उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष का पद सबसे बड़े विपक्षी दल के लिए आरक्षित किया गया था, लेकिन जब वह (सपा) प्रत्याशी नहीं दे पाये और विपक्षी दल से ही नितिन अग्रवाल प्रत्याशी आए हैं तो उनका समर्थन करने और संसदीय परंपराओं का सम्मान करने के लिए हम यहां आए हैं।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने 'पीटीआई-' से कहा, ‘‘नितिन अग्रवाल सपा के टिकट पर विधायक बने और आज भी सपा के विधायक हैं। सभी संसदीय परंपराओं का पालन किया गया और अगर दो उम्मीदवार मैदान में हैं तो मतदान होगा।’’

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