देश की खबरें | दक्षिण दिल्ली नगर निगम अनधिकृत कॉलोनियों का बिजली-पानी नहीं काटेगा

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नयी दिल्ली, 25 अगस्त दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने बुधवार को शहर की अनधिकृत कॉलोनियों का बिजली-पानी नहीं काटने का फैसला किया। माना जा रहा है कि यह फैसला अगले साल होने वाले निकाय चुनाव के मद्देनजर लिया गया है।

नगर निकाय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसी कॉलोनियों में पूर्व में पानी और बिजली के कनेक्शन काटने के लिए दिए गए आदेश को वापस लें।

इससे संबंधित प्रस्ताव को बुधवार को एसडीएमसी की बैठक में मंजूरी दी गई। बता दें कि दिल्ली में करीब 1800 अनधिकृत कॉलोनी है जिनमें शहर की एक बड़ी आबादी रहती है।

प्रक्रिया के तहत नगर निकाय दिल्ली जल बोर्ड और बिजली विभाग (दोनों दिल्ली सरकार के अंतर्गत हैं) को अनधिकृत कॉलोनी में पानी और बिजली का कनेक्शन काटने के लिए लिखता है, अगर ऐसे इलाकों में अवैध निर्माण पाया जाता है।

प्रस्ताव पेश करते हुए सदन के नेता इंद्रजीत सहरावत ने कहा कि चूंकि नगर निगम अनधिकृत कॉलोनियों में इमारतों के नक्शे को मंजूरी नहीं देता, ऐसे में ऐसी कॉलोनियों में बिना वैध नक्शे के निर्माण होता है।

प्रस्ताव में उन्होंने कहा, ‘‘पानी और बिजली नागरिकों की मूलभूत जरूरत है। एसडीएमसी सदन की बैठक में प्रस्ताव किया जाता है और आयुक्त से अनुरोध किया जाता है कि वह ऐसी कॉलोनियों में बिजली और पानी के कनेक्शन काटने का आदेश जारी नहीं करें।’’

इसमें यह भी कहा गया कि इन अनधिकृत कॉलोनियों में पानी और बिजली के कनेक्शन काटने के लिए पूर्व में जारी आदेश भी वापस लिए जाने चाहिए।

सहरावत ने कहा कि इस फैसले से अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पानी और बिजली के कनेक्शन कट जाने के बाद मिलने बहुत मुश्किल हो जाते है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह आम जनता को लाभान्वित करने के उद्देश्य से एक जन कल्याणकारी निर्णय है। हमें अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों से शिकायत मिलती थी कि अवैध कॉलोनियों में होने के कारण उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए थे। अब हम इसे बदलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे ऐसी असुविधाओं का सामना न करें।’’

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल कार्यालय के माध्यम से केंद्र को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री-उदय योजना के तहत 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का कार्य भी जारी है।

इस बीच, नगर निकाय ने पंजाबी बाग श्मशान घाट और ग्रेटर कैलाश -2 में 450 कारों को समायोजित करने के लिए बहुस्तरीय पार्किंग स्थल बनाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। नगर निकाय ने 14 करोड़ रुपये की ‘इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनों’ की खरीद को भी मंजूरी दी।

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