जरुरी जानकारी | सीतारमण ने एडीबी से आतंकवाद-समर्थक पाकिस्तान की वित्तीय मदद बंद करने की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी.
नयी दिल्ली, पांच मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से पाकिस्तान को वित्तीय मदद बंद करने की सोमवार को मांग करते हुए कहा कि पड़ोसी देश आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि इटली के मिलान में एडीबी के अध्यक्ष मसातो कांडा के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान सीतारमण ने बहुपक्षीय वित्तपोषण एजेंसी से पाकिस्तान को दिए जाने वाले धन पर रोक लगाने का आग्रह किया।
भारत, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) सहित वैश्विक बहुपक्षीय एजेंसियों से पाकिस्तान को दिए गए धन व ऋण पर पुनर्विचार करने का अनुरोध कर रहा है।
पिछले महीने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बाद भारत पड़ोसी देश को कूटनीतिक ढंग से और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरने की तैयारी कर रहा है। इस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने पहलगाम हमले में शामिल पांच आतंकवादियों की पहचान की है जिनमें तीन पाकिस्तानी नागरिक हैं।
एडीबी ने 31 दिसंबर, 2024 तक पाकिस्तान को 764 सार्वजनिक क्षेत्र के ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता देने का वादा किया था जिनका कुल मूल्य करीब 43.4 अरब अमेरिकी डॉलर है।
पाकिस्तान में एडीबी के मौजूदा ‘सरकारी पोर्टफोलियो’ में 9.13 अरब अमेरिकी डॉलर के 53 ऋण और तीन अनुदान शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सीतारमण ने इटली के वित्त मंत्री जिआनकार्लो जॉर्जेटी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान भी पाकिस्तान का मुद्दा उठाया था।
इटली एडीबी की 58वीं वार्षिक बैठक की अध्यक्षता कर रहा है।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एडीबी अध्यक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान सीतारमण ने दोहराया कि भारत निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाली आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वह दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता, माल व सेवा कर (जीएसटी) कार्यान्वयन, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन जैसे साहसिक पहलों के माध्यम से लगातार अनुकूल नीति एवं नियामक परिवेश का निर्माण कर रहा है, ताकि व्यापार करने में अधिक सुगमता हो।
सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि भारत नए, अभिनव वित्तपोषण उत्पादों व मॉडल का संचालन करने के लिए एडीबी को अवसर मुहैया कराता है।
इस मुलाकात में एडीबी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण से निर्देशित भारत की विकास प्राथमिकताओं के लिए पूर्ण समर्थन देने की बात भी कही।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)