देश की खबरें | श्रद्धा वालकर हत्या: आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ आरोप तय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अपनी ‘लिव-इन’ साथी श्रद्धा वालकर की गला दबाकर हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ यहां की एक अदालत ने मंगलवार को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय किए। इसके साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
नयी दिल्ली, नौ मई अपनी ‘लिव-इन’ साथी श्रद्धा वालकर की गला दबाकर हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ यहां की एक अदालत ने मंगलवार को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय किए। इसके साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ ने कहा कि दलीलों को विस्तार से सुना गया और अभियोजन पक्ष की तरफ से पर्याप्त सामग्री पेश की गई।
उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (अपराध के सबूत गायब करना) के तहत अपराध का मामला बनता है।
अदालत ने हालांकि कहा कि पूनावाला को दोनों अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा सकता है या नहीं, यह मुकदमे का विषय है और वर्तमान चरण में इसका फैसला नहीं किया जा सकता।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘तदनुसार, आरोपी के खिलाफ भादंसं की धारा 302 और 201 के तहत अपराध के लिए आरोप तय किए जाते हैं। आरोपों को उसके वकील की उपस्थिति में आरोपी के सामने पढ़ा गया और समझाया गया तथा आरोपी ने कहा है कि वह आरोप को समझ गया है और उसके बाद, उसने कहा कि वह दोषी नहीं है तथा मुकदमे का सामना करेगा।’’
उन्होंने अभियोजन पक्ष के भरोसे वाले "परिस्थितिजन्य और सहायक साक्ष्य" का उल्लेख किया, जिसमें हड्डियों की बरामदगी, बालों का एक गुच्छा और मृतका का जबड़ा शामिल था, जिसे पूनावाला ने कथित रूप से हत्या को छिपाने के लिए आखिरी बार देखे गए सबूत के साथ निपटाया था।
न्यायाधीश ने उल्लेख किया कि अन्य सबूतों में फ्रिज और रसोई की अलमारियों में खून के धब्बे, डीएनए प्रोफाइलिंग रिपोर्ट, डॉ प्रैक्टो ऐप पर वॉयस रिकॉर्डिंग, श्रद्धा द्वारा मुंबई में दी गई पिछली शिकायत, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कई गवाहों के बयान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "इस प्रकार, रिकॉर्ड में रखी गई उपरोक्त सामग्री के आलोक में, अभियुक्त के वकील की यह दलील निराधार है कि अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप तय करने के लिए कोई ठोस सामग्री रिकॉर्ड पर नहीं रखी गई है।"
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि आरोप तय करते समय सिर्फ एक प्रथम दृष्टया राय बनानी होती है, ताकि यह तय किया जा सके कि आरोपी के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए रिकॉर्ड में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है या नहीं।
मामले में अगली सुनवाई एक जून को होगी।
इस बीच, अदालत ने मृतका के पिता विकास वालकर के एक आवेदन पर सुनवाई 22 मई तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उन्होंने न्यायाधीश से आग्रह किया था कि उनकी बेटी के अवशेष परंपरा और संस्कृति के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंपे जाएं।
दिल्ली पुलिस ने चाकू, कैंची और हथौड़े की बरामदगी (कथित रूप से शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए इस्तेमाल किया गया), नार्को विश्लेषण परीक्षण, आरोपी की किसी परिचित या दोस्त से मृतका की अंगूठी की बरामदगी, आरोपी और मृतका के दोस्तों के बीच चैट जैसे अन्य सबूत भी रिकॉर्ड में रखे थे जिससे कि यह साबित किया जा सके कि श्रद्धा पिछले साल 18 मई के बाद जीवित नहीं थी।
विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने आरोपों पर दलीलें पूरी करते हुए 20 मार्च को अदालत को बताया था कि आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूतों के साथ ठोस परिस्थितिजन्य और चीजों की पुष्टि करने वाले साक्ष्य हैं।
इससे पहले 21 फरवरी को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बाद मामले को सत्र अदालत के सुपुर्द कर दिया था।
दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को मामले में 6,629 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
पूनावाला ने पिछले साल 18 मई को श्रद्धा वालकर का कथित रूप से गला घोंट दिया था। इसके बाद उसने उसके शरीर के टुकड़े किए और उन्हें दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक फ्रिज में रखा।
बाद में, उसने पकड़े जाने से बचने के लिए वालकर के शव के उन टुकड़ों को राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में फेंक दिया था।
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