देश की खबरें | शिवसेना मामला : किसी के हिस्से नहीं आया शिवसेना का नाम और ‘तीन-कमान’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत निर्वाचन आयोग ने अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे नीत दोनों गुटों द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह का उपयोग करने पर पाबंदी लगा दी है।

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारत निर्वाचन आयोग ने अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे नीत दोनों गुटों द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह का उपयोग करने पर पाबंदी लगा दी है।

पार्टी के दोनों गुटों द्वारा नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किए जाने की पृष्ठभूमि में एक अंतरिम आदेश जारी करके निर्वाचन आयोग ने दोनों से कहा है कि वे सोमवार तक अपनी-अपनी पार्टी के लिए तीन-तीन नये नाम और चुनाव चिन्ह सुझाएं।

आयोग दोनों गुटों द्वारा सुझाए गए नामों और चुनाव चिन्हों में से उन्हें किसी एक का उपयोग करने की अनुमति देगा।

अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव नजदीक आने की स्थिति में शिंदे गुट द्वारा अनुरोध किए जाने पर आयोग ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

अंतरिम आदेश के अनुसार, ‘‘आयोग का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि उपचुनाव कह पूरी चुनावी प्रक्रिया किसी भी भ्रम से मुक्त हो, इसलिए अगला कदम यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि चुनाव में हिस्सा ले रहे किसी भी गुट को अनुचित लाभ/हानि ना हो।’’

शिवसेना में जून में दो फाड़ होने के बाद दोनों गुटों ने स्वयं के ‘असली शिवसेना’ होने का दावा करते हुए निर्वाचन आयोग में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें आवंटित करने का अनुरोध किया था।

इससे पहले आयोग ने दोनों गुटों से कहा था कि वे अपने-अपने दावों के समर्थन में आठ अगस्त तक सभी दस्तावेज और विधायी तथा संगठन के समर्थन का साक्ष्य जमा कराएं।

हालांकि, बाद में ठाकरे गुट के अनुरोध पर इस अवधि को बढ़ाकर सात अक्टूबर कर दिया गया था।

शिंदे गुट ने चार अक्टूबर को निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया कि अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव में उसे ‘शिवसेना के नाम और तीर-कमान के चुनाव चिन्ह’ का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।

ठाकरे गुट ने इस दावे पर अपना जवाब शनिवार को सौंपा और विरोधी गुट के दस्तावेजों और दावों का अध्ययन करने के लिए और चार सप्ताह का समय मांगा है।

आयोग ने कहा कि अंतरिम आदेश इसलिए आवश्यक है क्योंकि उपचुनाव तीन अक्टूबर को अधिसूचित किया जा चुका है।

आदेश में कहा गया है, ‘‘दोनों गुटों में से किसी को भी ‘शिवसेना’ के लिए आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘तीर कमान’ का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।’’

उसमें कहा गया है, ‘‘दोनों गुट उन नये नामों से जाने जाएंगे, जिनका वे चुनाव करेंगे।’’

वहीं, निर्वाचन आयोग के इस फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे ने शिंदे गुट पर जमकर निशाना साधा और ट्वीट किया कि ‘‘खोखेवाले गद्दारों ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कराने की यह शर्मनाक हरकत की है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\