देश की खबरें | शिलांग पर्यटन सम्मेलन में एकल प्लास्टिक का उपयोग नहीं, डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया

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शिलांग, 24 नवंबर मेघालय की राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय मेगा पर्यटन सम्मेलन में आयोजकों ने अपने किसी भी कार्यक्रम के दौरान एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया और कागज के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया गया।

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (आईटीएम) का 11वां संस्करण 21-23 नवंबर तक मेघालय की राजधानी में आयोजित किया गया। इसमें भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रतिनिधियों को वितरित किए गए बैज मुद्रित थे। इसके पीछे की तरफ एक क्यूआर कोड था जिसके जरिए उन्होंने कार्यक्रमों से संबंधित ब्रोशर और अन्य सामग्री डाउनलोड की।

मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी ऐसा ही था और कोई भौतिक मीडिया किट जारी नहीं की गई। क्यूआर कोड ई-दस्तावेजों तक पहुंचने का तरीका था।

अधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन के दौरान जितना संभव हो सके "कागज रहित" होने का विचार था और लोगों को पर्यावरण-अनुकूल उपायों से "हमारे लक्ष्यों को संरेखित करने" का संदेश देना था।

इसलिए, आईटीएम के दौरान संवाददाता सम्मेलनों सहित आयोजित कई कार्यक्रमों में आयोजकों की ओर से एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया और प्रतिनिधियों को भी इसके उपयोग से बचने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

दर्शनीय स्थलों की यात्रा संबंधी कार्यक्रम में यह उल्लेख किया गया कि प्रतिनिधियों को पेयजल के लिए अपनी बोतल लानी चाहिए, क्योंकि आयोजकों की एकल-उपयोग प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग न करने की योजना के अनुरूप बोतलबंद पानी नहीं दिया जाएगा।

दोपहर भोज और रात्रिभोज में अतिथियों ने स्टील या पुनर्चक्रित सामग्री से निर्मित चम्मचों का इस्तेमाल किया।

मंत्रालय के अनुसार, आईटीएम एक वार्षिक कार्यक्रम है जो पर्यटन मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों में बारी-बारी आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर में हितधारकों को देश और विदेशी बाजारों-दोनों से संपर्क उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है।

इसने कहा कि आईटीएम का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन क्षमता के बारे में जागरूकता पैदा करना भी है।

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