विदेश की खबरें | साल के अंत तक भंग होगी अलगाववादी सरकार; नागोर्नो काराबाख से आधी आबादी का पलायन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हाल ही में अजरबैजान ने अपने से अलग हुए क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए आक्रामक कार्रवाई की थी और नागोर्नो-काराबाख में आर्मीनियाई सैनिकों से अपने हथियार डालने तथा अलगाववादी सरकार से खुद को भंग करने के लिए कहा था। इसके बाद नागोर्नो-काराबाख की अलगाववादी सरकार की ओर से यह ऐलान किया गया है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हाल ही में अजरबैजान ने अपने से अलग हुए क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए आक्रामक कार्रवाई की थी और नागोर्नो-काराबाख में आर्मीनियाई सैनिकों से अपने हथियार डालने तथा अलगाववादी सरकार से खुद को भंग करने के लिए कहा था। इसके बाद नागोर्नो-काराबाख की अलगाववादी सरकार की ओर से यह ऐलान किया गया है।

इस संबंध में क्षेत्र के अलगाववादी राष्ट्रपति सैमवेल शेखरामनयन ने एक अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए हैं। दस्तावेज में लड़ाई को खत्म करने के लिए पिछले सप्ताह किए गए समझौते का हवाला दिया गया है, जिसके तहत अजरबैजान नागोर्नो-काराबाख के निवासियों को ‘‘स्वतंत्र, स्वैच्छिक और बिना रोकटोक आवाजाही’’ की अनमुति देगा और बदले में आर्मीनिया में सैनिकों को अपने हथियार सौंपने होंगे।

नागोर्नो-काराबाख पर लगभग 30 वर्षों तक अलगाववादियों का शासन था।

नागोर्नो-काराबाख अजरबैजान का एक क्षेत्र है जो कि 1994 में खत्म हुई अलगवावादी लड़ाई के बाद अर्मीनियाई सेना के समर्थन से जातीय अर्मीनियाई बलों के नियंत्रण में आ गया था। वर्ष 2020 में छह सप्ताह के युद्ध के दौरान अजरबैजान ने नागोर्नो-काराबाख के आसपास के क्षेत्रों के अलावा उन क्षेत्र के कुछ हिस्सों को भी वापस ले लिया था, जिस पर जातीय अर्मीनियाई बलों ने पूर्ववर्ती संघर्ष में कब्जा कर लिया था।

हालिया आक्रामक कार्रवाई और रूस की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद, अजरबैजान और नागोर्नो-काराबाख अलगाववादी अधिकारियों ने इस क्षेत्र के अजरबैजान में "पुनः एकीकरण" को लेकर बातचीत शुरू की थी।

अजरबैजान ने क्षेत्र में मूल आर्मीनियाई लोगों के अधिकारों का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जतायी है और 10 महीने की नाकाबंदी के बाद आपूर्ति बहाल करने का वादा किया है, लेकिन कई स्थानीय निवासियों को डर है कि उन्हें प्रतिशोध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोग आर्मेनिया से बाहर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

अर्मीनियाई अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नागोर्नो-काराबाख की आधी से अधिक आबादी यानी 65,000 से अधिक लोग अर्मीनिया में पलायन कर गए। बड़े पैमाने पर पलायन रविवार शाम से शुरू हो गया था और नागोर्नो-काराबाख को आर्मीनिया से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पर लंबा जाम लग गया था।

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