देश की खबरें | औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा बढ़ाई गई, फडणवीस ने सुरक्षा का दिया आश्वासन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की दक्षिणपंथी संगठनों की धमकी के बीच आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
छत्रपति संभाजीनगर, 17 मार्च महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की दक्षिणपंथी संगठनों की धमकी के बीच आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने आगंतुकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है और पर्यटकों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे हैं।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा कब्र हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पुलिस ने खुल्दाबाद शहर के प्रवेश द्वार से लेकर समाधि स्थल तक के मार्ग पर कई सुरक्षा चौकियां स्थापित की हैं।
ज्ञापन में औरंगजेब के विवादास्पद इतिहास, विशेषकर मराठों के साथ उसके संघर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा उसकी कब्र को हटाने को उचित ठहराने के लिए इसे ‘दर्द और गुलामी’ का प्रतीक बताया गया।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए दिन में विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपे।
महाराष्ट्र में औरंगजेब को मराठों के साथ युद्ध के लिए याद किया जाता है, जिन्होंने औरंगजेब की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं का विरोध किया था। मराठा योद्धा राजा शिवाजी महाराज के बेटे संभाजी को औरंगजेब के आदेश पर पकड़ लिया गया, प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया।
यहां एक अधिकारी ने बताया कि राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की 50 पुलिसकर्मियों की एक कंपनी, स्थानीय पुलिस के 30 जवान और 20 होमगार्ड के जवानों को विभिन्न स्थानों और कब्र स्थल पर तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब कब्र पर आने वाले पर्यटकों को होमगार्ड की एक टीम के पास रखे आगंतुक रजिस्टर में अपना नाम लिखना होगा और पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
कब्र स्थल की देखरेख करने वाले परवेज कबीर अहमद ने कहा, ‘‘यहां स्थिति शांतिपूर्ण है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। कब्र को गिराने की मांग उठने के बाद से यहां आने वालों की संख्या में कमी आई है। रमजान के दौरान यहां आने वालों की संख्या आमतौर पर कम होती है। लगभग 100 लोग प्रतिदिन आते हैं, लेकिन मुद्दा उठने के बाद से यह संख्या कम हो गई है।’’
विवाद के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार संरक्षित ऐतिहासिक स्थल के रूप में मकबरे की रक्षा करने के लिए बाध्य है, लेकिन वह औरंगजेब की विरासत को महिमामंडित करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती समारोह के दौरान कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को औरंगजेब के उत्पीड़न के इतिहास के बावजूद उसकी कब्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी पड़ रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मैं आपको आश्वासन देता हूं कि अगर उनकी विरासत को महिमामंडित करने का कोई प्रयास किया जाता है, तो यह सफल नहीं होगा।’’
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