तिरुवनंतपुरम, नौ मई केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने मणिपुर में गिरजाघरों और उनके संस्थानों पर हमलों को लेकर मंगलवार को चिंता जतायी तथा सरकार एवं न्यायपालिका से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि देश में कहीं भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सतीशन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उन्होंने मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाके से बच कर निकले बिशप जोस मुकाला से फोन पर बात की और आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय और उनके संस्थानों को सत्ता के समर्थन से निशाना बनाया गया जिनकी पूर्वोत्तर राज्य में आबादी करीब 42 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि कोट्टायम जिले के पाला के रहने वाले मुकाला 1997 से 2009 तक कोहिमा डायोसीज के बिशप थे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बिशप के इस सवाल से उन्हें बहुत दुख हुआ कि उनके गिरजाघरों को इस तरह से क्षति क्यों पहुंचायी जा रही है।
सतीशन ने कहा, ‘‘मणिपुर में जो हमले हो रहे हैं, वे खौफनाक हैं। जिस पैस्टोरल संस्थान में बिशप रह रहे थे उसे और उससे सटे गिरजाघर को लूट लिया गया और आग लगा दी गई। उस राज्य के लगभग सभी गिरजाघरों को जला दिया गया है और लगभग 60 ईसाई मारे गए हैं।’’
उन्होंने सरकार और न्यायपालिका से इस मामले में दखल देने की मांग की है।
सतीशन ने कहा, "सरकार की चुप्पी दुखद है, जिसे देश के सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "सरकारों और अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह की हिंसा देश में कहीं भी न दोहरायी जाए।"
मणिपुर सरकार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पूर्वोत्तर राज्य में फैली जातीय हिंसा में 60 लोग मारे गए हैं, 231 घायल हुए हैं और धार्मिक स्थलों सहित 1,700 मकान जला दिये गए।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में 3 मई को 10 पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद पूर्वोत्तर राज्य में हिंसक झड़पें हुईं।
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