देश की खबरें | संतों ने पीर पाशा बंगला के सर्वे की मांग की, इसे अनुभव मंडप करार दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के कुछ वीरशैव-लिंगायत संतों ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से बीदर जिले के बसवकल्याण स्थित 'पीर पाशा बंगला' का सर्वेक्षण कराने की अपील करते हुए दावा किया कि यह मूल रूप से 'अनुभव मंडप' है, जो देश का पवित्र स्थान है। उनका दावा है कि यह लिंगायत संप्रदाय के संस्थापक और 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर का पवित्र स्थल है।

बेंगलुरू, पांच जून कर्नाटक के कुछ वीरशैव-लिंगायत संतों ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से बीदर जिले के बसवकल्याण स्थित 'पीर पाशा बंगला' का सर्वेक्षण कराने की अपील करते हुए दावा किया कि यह मूल रूप से 'अनुभव मंडप' है, जो देश का पवित्र स्थान है। उनका दावा है कि यह लिंगायत संप्रदाय के संस्थापक और 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर का पवित्र स्थल है।

संतों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘दुनिया की पहली संसद, ‘अनुभव मंडप’ अब पीर पाशा बंगला है, जिसे तत्काल संरक्षण और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण की आवश्यकता है।’’

बसवकल्याण से भाजपा विधायक शारानु सालगर और वीरशैव-लिंगायत संगठन वेदिके के अध्यक्ष प्रदीप कंकनवाड़ी के नेतृत्व में संतों ने बोम्मई से उनके आवास पर मुलाकात की।

उन्होंने मांग की कि राज्य को 'अनुभव मंडप' कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रुपये जारी करने का केंद्र को प्रस्ताव भेजना चाहिए, जिसके तहत बसवेश्वर से संबंधित स्थलों की पहचान और उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अनुभव मंडप को बसवकल्याण में एक प्रमुख लिंगायत अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

यादगीर जिले के शाहपुर तालुक में तपोवन मठ के गिरिमलेश्वर स्वामीजी के अनुसार, बोम्मई ने संतों को आश्वासन दिया कि सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी और इस संबंध में अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\