वायनाड (केरल), 27 सितंबर नन बलात्कार मामले में बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली और फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट कांग्रेगेशन से बर्खास्त सिस्टर लूसी कलप्पुरा ने कान्वेंट द्वारा भोजन सहित जरूरत की अन्य चीजें मुहैया नहीं कराने का आरोप लगाते हुए मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया।
गौरतलब है कि स्थानीय अदालत ने बिशप के खिलाफ मुकदमे पर फैसला होने तक नन को पड़ोसी मननथावड़ी के एक कान्वेंट में रहने की अनुमति दी थी। सिस्टर लूसी ने कान्वेंट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें भोजन और जरूरत की अन्य सामान्य चीजें भी नहीं दी जा रही हैं।
सिस्टर लूसी ने आरोप लगाया कि उन्हें अलग-थलग कर दिया गया था और कान्वेंट में रहने वाले अन्य लोग उन्हें अपमानित करते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मननथावड़ी की अदालत द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश का कान्वेंट के पदाधिकारी खुला उल्लंघन कर रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि हाल ही में वेल्लामुंडा थाना पुलिस आयी थी और उनसे तथा कान्वेंट के पदाधिकारियों से मिली।
एक नन के साथ बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाली मिशनरीज ऑफ जीजस कांग्रेगेशन की ननों में शामिल सिस्टर लूसी (56) को अगस्त, 2019 में रोमन कैथोलिक चर्च के तहत एफसीसी से बर्खास्त कर दिया गया था।
इसके बाद सिस्टर लूसी से अपना कान्वेंट खाली करने को कहा गया।
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