मुंबई, 18 फरवरी अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे की गिरावट के साथ 86.96 (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू मुद्रा में गिरावट विदेशी कोषों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में तेजी के कारण आई।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि डॉलर/रुपये जोड़ी के लिए नकारात्मक धारणा है क्योंकि विदेशी निवेशक घरेलू शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का समर्थन धीरे-धीरे कम हो रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.94 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान इसने डॉलर के मुकाबले 86.91 के उच्चस्तर और 86.98 के निचले स्तर को छुआ। अंत में डॉलर के मुकाबले यह 86.96 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की गिरावट है।
रुपया सोमवार को 17 पैसे टूटकर 86.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
कारोबारियों ने कहा कि व्यापार घाटे के निराशाजनक आंकड़ों ने भी रुपये पर दबाव डाला है। भारत के निर्यात में लगातार तीसरे महीने जनवरी में गिरावट आई, जो सालाना आधार पर 2.38 प्रतिशत घटकर 36.43 अरब डॉलर रह गया, जबकि व्यापार घाटा बढ़कर 22.99 अरब डॉलर हो गया।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोने के आयात में वृद्धि के कारण जनवरी में आयात सालाना आधार पर 10.28 प्रतिशत बढ़कर 59.42 अरब डॉलर हो गया।
इस बीच, छह अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.95 पर कारोबार कर रहा था।
वायदा कारोबार में वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.77 प्रतिशत बढ़त के साथ 75.80 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 29.47 अंक की गिरावट के साथ 75,967.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 14.20 अंक टूटकर 22,945.30 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजारों के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 3,937.83 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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