जरुरी जानकारी | राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्यों को अंतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान (पीडीआरडी) प्रदान किया जाता है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी के अंतरण के बाद राज्यों के राजस्व खाते में अंतर को दूर करने के लिए मासिक किस्त में जारी किया जाता है।

संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्यों को अंतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान (पीडीआरडी) प्रदान किया जाता है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी के अंतरण के बाद राज्यों के राजस्व खाते में अंतर को दूर करने के लिए मासिक किस्त में जारी किया जाता है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि व्यय विभाग ने आज 17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये के पीडीआरडी अनुदान की छठी मासिक किस्त जारी की है। इस किस्त से चालू वित्त वर्ष में पात्र राज्यों को कुल 59,226 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

मंत्रालय के अनुसार इस अनुदान को प्राप्त करने की राज्यों की पात्रता और अनुदान की मात्रा का निर्धारण वित्त आयोग द्वारा राज्य के राजस्व और व्यय के आकलन में अंतर के आधार पर किया गया था।

पंद्रहवें वित्त आयोग ने पीडीआरडी अनुदान के लिए आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की सिफारिश की है।

15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2021- 22 के दौरान 17 राज्यों को कर हिस्सेदारी हस्तांतरण के बाद राजस्व घाटे की भरपाई के लिये 1,18,452 करोड़ रुपये का अनुदान दिये जाने की सिफारिश की है।

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