जरुरी जानकारी | डिस्कॉम के लिए नकदी पैकेज के तहत अब तक 68,000 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर

नयी दिल्ली, नौ अगस्त दबाव झेल रही बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए घोषित 90,000 करोड़ रुपये के नकदी समर्थन पैकेज में से अब तक 68,000 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया जा चुका है। इससे बिजली वितरण कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में नकदी संकट से जूझ रही बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90,000 करोड़ रुपये के नकदी समर्थन की घोषणा की थी। कोविड-19 पर अंकुश के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से बिजली वितरण कंपनियों की मांग काफी घटी थी।

यह भी पढ़े | Fire Breaks Out at COVID-19 care centre in Vijayawada: विजयवाड़ा में कोविड-19 फैसिलिटी सेंटर में आग लगने से 7 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक, राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को देगी 50 लाख मुवाजा.

एक सूत्र ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों आरईसी लि. और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने मई में डिस्कॉम के लिए घोषित 90,000 करोड़ रुपये के पैकेज के तहत 68,000 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है।

इससे पहले इसी सप्ताह आरईसी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा था कि कंपनी ने डिस्कॉम को नकदी पैकेज के तहत 31 जुलाई, 2020 तक 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण मंजूर किया है।

यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ED के ऑफिस पहुंचे.

इस पैकेज के तहत ऋण का वित्तपोषण पीएफएसी और आरईसी बराबर अनुपात में करेंगी। ऋण की मंजूरी दो बराबर चरणों में दी जाएगी। पैकेज की घोषणा 13 मई, 2020 को की गई थी।

सूत्र ने बताया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश को पहले चरण का ऋण जारी कर दिया गया है।

सूत्र ने कहा कि तमिलनाडु (20,000 करोड़ रुपये) और बिहार (3,500 करोड़ रुपये) द्वारा इस पैकेज के तहत औपचारिक प्रस्ताव दिए जाने के बाद 90,000 करोड़ रुपये के पूरे पैकेज का इस्तेमाल हो सकेगा।

इस पैकेज के तहत उत्तर प्रदेश ने अब तक सबसे अधिक 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज मांगा है। उसके बाद तेलंगाना (12,000 करोड़ रुपये), कर्नाटक (7,000 करोड़ रुपये), आंध प्रदेश (6,000 करोड़ रुपये), महाराष्ट्र (5,000 करोड़ रुपये), पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर (4,000 करोड़ रुपये प्रत्येक) का नंबर आता है।

पैकेज की मदद से बिजली वितरण कंपनियां इस साल मार्च तक के अपने बकाया का भुगतान कर सकती हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)