मुंबई, 29 सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक ने लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसका कारण बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और कमाई की संभावनाएं नहीं बची है।
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और पंजीयक से भी बैंक को बंद करने और सहकारी बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
परिसमापन पर, प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा के तहत जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक अपनी जमा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।
रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 99.53 प्रतिशत जमाकर्ता, डीआईसीजीसी से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।
केंद्रीय बैंक ने लाइसेंस रद्द करने के पीछे कारण बताते हुए कहा कि लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं बची है।
लाइसेंस रद्द करने के परिणामस्वरूप, बैंक को बैंक का कामकाज करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें अन्य चीजों के अलावा, तत्काल प्रभाव से जमा स्वीकार करना और जमा का पुनर्भुगतान शामिल है।
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