नयी दिल्ली, सात मार्च पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि उनका मंत्रालय रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके भागीदारों से 2.81 अरब डॉलर की मांग को हासिल करने की अंत तक कोशिश करेगा।
उन्होंने कहा कि गैस ‘माइग्रेशन’ यानी एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाने के विवाद पर अदालत के फैसले से सरकार के अधिकार स्पष्ट रूप से साबित होते हैं।
इस मामले में पिछले महीने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद मंत्रालय ने हाल में मांग उठाई थी।
यहां एक कार्यक्रम में जब पुरी से पूछा गया कि क्या उनका मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सरकार को यह राशि अदा करे, तो उन्होंने कहा, ''मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अदालत का बिल्कुल स्पष्ट फैसला है। हमने पहले ही 2.81 अरब डॉलर के लिए आवेदन कर दिया है और हम इस अधिकार को अंत तक पाने की कोशिश करेंगे।''
उन्होंने कहा, ''बेशक, उच्चतम न्यायालय में अपील करना हर किसी का अधिकार है।''
मंत्री यहां महिला पत्रकार कल्याण ट्रस्ट के एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 14 फरवरी को उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके साझेदारों के पक्ष में दिए गए मध्यस्थता निर्णय को बरकरार रखा गया था।
एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने जुलाई, 2018 में आरआईएल और उसके साझेदारों के खिलाफ भारत सरकार के 1.55 अरब डॉलर के दावे को खारिज कर दिया। केंद्र सरकार का आरोप था कि उन्होंने ऐसे भंडारों से गैस निकाली, जिनका उपयोग करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं था।
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