जरुरी जानकारी | चालू विपणन सत्र में अब तक 1.68 लाख करोड़ रुपये में 890 लाख टन धान की रिकार्ड खरीद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने सितंबर में समाप्त होने जा रहे चालू विपणन सत्र में अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 1.68 लाख करोड़ रुपये में लगभग 890 लाख टन धान की खरीद की है, जो अब तक की सबसे अधिक खरीदारी का रिकार्ड है।
नयी दिल्ली, छह सितंबर सरकार ने सितंबर में समाप्त होने जा रहे चालू विपणन सत्र में अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 1.68 लाख करोड़ रुपये में लगभग 890 लाख टन धान की खरीद की है, जो अब तक की सबसे अधिक खरीदारी का रिकार्ड है।
दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के धरने के बावजूद यह रिकार्ड खरीद हुई है। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं जो तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिये जाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग को लेकर नौ महीने से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं।
खाद्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र ने चालू 2020-21 के खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) में पांच सितंबर तक 889.62 लाख टन धान की खरीद की है।
खाद्यान्नों की खरीद और वितरण के लिए सरकार की प्रमुख एजेंसी - भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पिछले विपणन सत्र की इसी अवधि में 764.39 लाख टन धान खरीदा था।
इस खरीद में खरीफ (गर्मी की बुवाई) मौसम की 718.09 लाख टन और रबी (सर्दियों में बोए गए) मौसम की 171.53 लाख टन धान की खरीद शामिल हैं। धान खरीफ की एक प्रमुख फसल है, लेकिन इसे रबी के मौसम में भी उगाया जाता है।
बयान में कहा गया है, ‘‘इस (खरीद) से मौजूदा खरीफ विपणन सत्र के दौरान 130.47 लाख किसानों का फायदा हुआ। उन्हें एमएसपी मूल्य पर की गई खरीद के तहत 1,67,960.77 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।’’
इसमें कहा गया है कि धान की खरीद 2019-20 के खरीफ विपणन सत्र के पिछले उच्च स्तर 773.45 लाख टन को पार करते हुए अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई।
राजेश
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