देश की खबरें | राजपूत महिला नेता ने रूपाला के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात में एक राजपूत महिला नेता ने केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला को राजकोट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में हटाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
अहमदाबाद, चार अप्रैल गुजरात में एक राजपूत महिला नेता ने केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला को राजकोट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में हटाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
यह भूख हड़ताल तब शुरू की गयी है जब कुछ दिनों पहले रूपाला की क्षत्रिय समुदाय को लेकर की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया था।
राजपूत समुदाय के एक ट्रस्ट परिसर में बुधवार को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने वाली महिला नेता पद्मिनीबा वाला ने दावा किया कि अगर भाजपा ने रूपाला को चुनाव उम्मीदवार के रूप में नहीं हटाया तो राजपूत महिलाएं ‘जौहर’ (आत्मदाह) तक करेंगी।
पद्मिनीबा वाला ने राजकोट में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने बुधवार को अपनी भूख हड़ताल शुरू की और आज दूसरा दिन है। जब तक रूपाला को (राजकोट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में) नहीं हटाया जाता, मैं खाना नहीं खाऊंगी। राजपूत समाज इससे कम पर राजी नहीं होगा। यदि हमारे अनुरोध के बावजूद उन्हें नहीं हटाया गया तो जरूरत पड़ने पर राजपूत महिलाएं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यालयों में ‘जौहर’ करेंगी।’’
इस बीच, बृहस्पतिवार को यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में रूपाला ने कहा कि राजपूत (क्षत्रिय) समेत सभी समुदाय उनका समर्थन करते हैं। वह दिल्ली में मंत्रिमंडल की एक बैठक में भाग लेने के बाद बृहस्पतिवार सुबह अहमदाबाद हवाई अड्डा पहुंचे।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी समुदाय, चाहे वह पाटीदार हों या राजपूत, मेरे समर्थन में हैं। कई क्षत्रिय नेता पहले ही मुझे अपना समर्थन दे चुके हैं। मैं उनका नाम लेकर कोई नया विवाद खड़ा नहीं करना चाहता।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या यह ‘पाटीदार बनाम राजपूत’ मुद्दा बन रहा है, रूपाला ने कहा कि लोगों को ऐसी चीजें करने से बचना चाहिए।
सत्तारूढ़ भाजपा और क्षत्रिय (राजपूत) नेताओं के बीच बुधवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कोई सफलता नहीं मिल सकी है क्योंकि समुदाय के नेता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
गुजरात की राजकोट लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रूपाला ने यह दावा करके विवाद पैदा कर दिया था कि तत्कालीन ‘महाराजाओं’ ने विदेशी शासकों और अंग्रेजों के उत्पीड़न के आगे घुटने टेक दिए थे और यहां तक कि अपनी बेटियों की शादी भी उनसे कर दी थी।
गुजरात में क्षत्रिय समुदाय ने रूपाला की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई क्योंकि तत्कालीन राजघरानों में अधिकांश राजपूत थे।
रूपाला की टिप्पणियों का एक वीडियो 22 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसके तुरंत बाद उन्होंने माफी मांग ली थी। लेकिन गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह दावा करते हुए शिकायत दी गयी थी कि रूपाला ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया।
रूपाला को राहत देते हुए गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने घोषणा की है कि रूपाला की टिप्पणियां आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती हैं।
रिपोर्ट में अतिरिक्त सीईओ कुलदीप आर्या के हवाले से कहा गया है, ‘‘आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। सबसे पहले, यह कोई राजनीतिक सभा नहीं थी जहां रूपाला ने ये टिप्पणियां कीं। यह किसी की मृत्यु के अवसर पर हुई सभा थी। दूसरा, रूपाला ने ‘महाराजा’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने किसी जाति विशेष के बारे में कुछ नहीं कहा। इसके अलावा उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही जिससे अशांति या दंगा भड़के।’’
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