राजनाथ सिंह ने किया गश्ती पोत, दो अवरोधक नौकाओं का जलावतरण
सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के देश में निर्मित ‘सचेत’ पोत और सी-450 एवं सी-451 अवरोधक नौकाओं का वीडियो लिंक के माध्यम से गोवा में जलावतरण किया।
पणजी, 15 मई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच नयी दिल्ली में वीडियो-कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गोवा में भारतीय तटरक्षक बल के (आईसीजी) एक पोत और दो अवरोधक (इंटरसेप्टर) नौकाओं का शुक्रवार को जलावतरण किया।
सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के देश में निर्मित ‘सचेत’ पोत और सी-450 एवं सी-451 अवरोधक नौकाओं का वीडियो लिंक के माध्यम से गोवा में जलावतरण किया।
इस अवसर पर सिंह ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता बढ़ाने में इन पोत एवं नौकाओं का जलावतरण एक मील का पत्थर है।
सिंह ने कहा कि इनका जलावतरण भारतीय पोत निर्माण क्षमताओं की बढ़ती ताकत को दर्शाता हैं।
उन्होंने भारतीय तटों की सुरक्षा में आईसीजी के प्रयासों की सराहना की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सुरक्षित तट देश को आर्थिक विकास के अवसर देते हैं जो कि राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है।
आईसीजी के प्रवक्ता ने बताया कि पांच अपतटीय गश्ती नौकाओं की श्रृंखला के तहत पहले पोत ‘सचेत’ को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने देश में डिजाइन किया और बनाया है। यह अत्याधुनिक नौवहन एवं सम्प्रेषण उपकरणों, सेंसर एवं मशीनरी से लैस है।
उन्होंने कहा कि भारतीय समुद्री इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब डिजिटल माध्यम से तटरक्षक नौका का जलावतरण किया गया है। ऐसा कोविड-19 वैश्विक महामारी की पृष्ठभूमि में सामाजिक दूरी के कड़े प्रोटोकॉल को बरकरार रखते हुए किया गया।
इस अवसर पर सिंह के अलावा, रक्षा सचिव अजय कुमार, आईसीजी के महानिदेशक डी जी कृष्णास्वामी नटराजन भी मौजूद थे। इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के वास्को परिसर में मौजूद थे।
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