नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने भवनों की गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए निर्माण के दौरान अपनाए जाने के लिये दिशानिर्देश जारी किये हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इसने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि निर्माण गतिविधि में घटिया सामग्री का उपयोग न हो।
पीडब्ल्यूडी ने एक परिपत्र में कहा कि विभाग द्वारा भवनों की डिजाइन की गई उम्र की तुलना में बहुत ही कम अवधि में भवन संरचनाओं में खराबी के उदाहरणों के बाद यह कदम उठाया गया है।
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने एक परिपत्र जारी कर अधिशासी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, कनिष्ठ अभियंताओं और ठेकेदारों को प्रत्येक भवन और अन्य विकास कार्यों का पूरी तरह से निरीक्षण करने और भवनवार कमियों की सूची तैयार करने को कहा है।
उन्हें गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित तरीके से इन कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है।
लोकनिर्माण विभाग ने बृहस्पतिवार को जारी परिपत्र में कहा, “संरचनाओं की वांछित गुणवत्ता सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि यह अपने डिजाइन किए गए जीवन तक टिके रहें और साथ-साथ भविष्य के रखरखाव व्यय को कम किया जा सके।”
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संरचनात्मक डिजाइन केवल निर्माण स्थल की मिट्टी की जांच रिपोर्ट पर आधारित हो और नींव दृढ़ जमीन पर टिकी हुई थी न कि भरी हुई मिट्टी पर।
इसमें कहा गया कि मिट्टी के साथ-साथ निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच भी काम शुरू करने से पहले की जानी चाहिए। दिशानिर्देशों में भवन की गुणवत्ता व समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिये कई अन्य सुझाव भी दिए गए हैं।
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