विदेश की खबरें | पुतिन को यूक्रेन मुद्दे पर ईरान से मिला समर्थन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. खामनेई ने कहा कि अगर रूस ने यूक्रेन में सेना नहीं भेजी होती तो उसे उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) बलों के हमले का सामना करना होता। खामनेई का यह बयान पुतिन के अपने बयान से काफी मेल खाता है और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहे दोनों देशों के बीच नजदीकी का संकेत देता है।
खामनेई ने कहा कि अगर रूस ने यूक्रेन में सेना नहीं भेजी होती तो उसे उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) बलों के हमले का सामना करना होता। खामनेई का यह बयान पुतिन के अपने बयान से काफी मेल खाता है और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहे दोनों देशों के बीच नजदीकी का संकेत देता है।
नाटो सहयोगियों ने पूर्वी यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है और रूस के हमले का सामना करने के लिए यूक्रेन को हथियार मुहैया कराए हैं।
रूस के आक्रमण के बाद से पुतिन की विदेश की यह दूसरी यात्रा है अैर इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी तथा तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन से भी मुलाकात की। इस दौरान नेताओं के बीच सीरिया में जारी संकट तथा वैश्विक खाद्य संकट को दूर करने के लिए यूक्रेन से अनाज के निर्यात को दोबारा शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
एर्दोगन के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन ने यूक्रेन अनाज निर्यात संबंधी समझौता करने में मदद करने के वास्ते उनका आभार व्यक्त किया।
पुतिन ने कहा, ‘‘ सभी मुद्दे हल नहीं हुए है लेकिन कुछ प्रगति हुई जो अच्छी बात है।’’
एपी
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