जरुरी जानकारी | पीएसएस के तहत अब तक 1.31 लाख टन तुअर दलहन की खरीद : कृषि मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने अब तक मूल्य सहायता योजना (पीएसएस) के तहत 1,31,000 टन तुअर दलहन की खरीद की है, जिससे 89,219 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 13 मार्च केंद्र ने अब तक मूल्य सहायता योजना (पीएसएस) के तहत 1,31,000 टन तुअर दलहन की खरीद की है, जिससे 89,219 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
खरीफ सत्र 2024-25 में पीएसएस के तहत, मंत्रालय ने नौ राज्यों से कुल 13.22 लाख टन की खरीद को मंजूरी दी है। ये नौ राज्य -आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश हैं।
मंत्रालय के अनुसार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में तुअर दलहन की खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘11 मार्च तक इन राज्यों में 1.31 लाख टन तुअर (अरहर) की खरीद की गई है।’’
अन्य राज्यों में तुअर की खरीद भी जल्द ही शुरू हो जाएगी।
सहकारिता संस्था नेफेड और एनसीसीएफ के ई-समृद्धि पोर्टल पर पूर्व पंजीकृत किसानों से भी तुअर खरीद भी की जाती है।
मूल्य समर्थन योजना तब शुरू होती है जब कुछ कृषि वस्तुओं की बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे घट जाती हैं।
यह योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा जाल प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसके तहत यह सुनिश्चित होता है कि किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम मूल्य प्राप्त कर सकें, जिससे उन्हें बाजार की अस्थिरता और मूल्य में उतार -चढ़ाव से बचाया जा सके।
तुअर के अलावा, मंत्रालय ने खरीफ सत्र 2024-25 के लिए 9.40 लाख टन मसूर और 1.35 लाख टन उड़द की खरीद को मंजूरी दी है।
बजट 2025 में, सरकार ने देश में दालों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2028-29 तक राज्यों में उत्पादित तुअर, मसूर और उड़द की शतप्रतिशत खरीद की घोषणा की है।
पिछले कुछ वर्षों में दलहन उत्पादन बढ़ा है, लेकिन देश अब भी घरेलू कमी को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)