देश की खबरें | पंजाब के महाधिवक्ता अनमोल रतन सिद्धू ने इस्तीफा दिया, विनोद घई लेंगे उनका स्थान
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चंडीगढ़, 26 जुलाई पंजाब के महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त होने के करीब चार महीने बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अनमोल रतन सिद्धू ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू के बाद फौजदारी मामलों के वकील विनोद घई उनकी जगह लेंगे।
घई(56) पिछले 10 महीने में राज्य के पांचवें महाधिवक्ता होंगे। विपक्षी दल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार ‘‘स्थिर होने की तुलना में अस्थिर मोड में प्रतीत होती है।’’ विपक्षी दलों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मुख्य सचिव के पदों पर भी हालिया बदलाव का जिक्र किया।
सिद्धू ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों से पंजाब के महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को 19 जुलाई को लिखे अपने संक्षिप्त त्यागपत्र में सिद्धू ने लिखा, ‘‘मैं पार्टी का शुक्रगुजार हूं कि मुझे पंजाब के महाधिवक्ता कार्यालय का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया। निजी कारणों से मैं इस पद पर सेवा नहीं कर पाऊंगा। मैं अपना इस्तीफा देता हूं, जिसे कृपया जल्द से जल्द स्वीकार किया जाए।’’
सिद्धू ने इस्तीफा देने के सात दिन बाद मंगलवार को ट्विटर पर अपना त्यागपत्र साझा किया। सिद्धू को मार्च में महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद दीपिंदर सिंह पटवालिया के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया था।
आठ बार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने जा चुके सिद्धू ने पत्रकारों से बात करते हुए पिछले चार महीनों में अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। सिद्धू ने अपने कार्यालय और सरकार के बीच ‘‘खराब समन्वय’’ और किसी नौकरशाह के साथ कहासुनी की खबरों को खारिज कर दिया।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हिरासत में लेने में अनमोल रतन सिद्धू और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई थी। अगले महाधिवक्ता बनने जा रहे घई फौजदारी मामलों के जाने माने वकील हैं। घई ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें योग्यता के आधार पर चुना गया है।
घटनाक्रम पर कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी के शासन में ‘यू-टर्न’ लेना आम बात हो गई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसा ही कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ हो रहा है। पहले डीजीपी, फिर मुख्य सचिव और अब महाधिवक्ता। यह सरकार टिकने और स्थिर होने की तुलना में अस्थिर मोड में प्रतीत होती है।’’
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि ऐसा लगता है कि मान के नेतृत्व वाली सरकार पूर्ववर्ती चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के रास्ते जा रही है। वहीं, शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने दावा किया कि सिद्धू का इस्तीफा दर्शाता है कि पंजाब में अधिकारी दिल्ली से राज्य चलाने की कोशिशों से घुटन महसूस कर रहे हैं।
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