जरुरी जानकारी | पंजाब मंत्रिमंडल ने कांग्रेस सरकार के सब्सिडी वाले बिजली शुल्क फैसले को वापस लिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पंजाब मंत्रिमंडल ने उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती करने के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के फैसले को बृहस्पतिवार को वापस ले लिया।
चंडीगढ़, पांच सितंबर पंजाब मंत्रिमंडल ने उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती करने के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के फैसले को बृहस्पतिवार को वापस ले लिया।
इस कदम से राज्य सरकार के खजाने में प्रतिवर्ष 1,500-1,800 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है।
हालांकि, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि घरेलू श्रेणी के लिए प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी।
नवंबर, 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी नीत सरकार ने सात किलोवाट तक के ‘कनेक्टेड लोड’ वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती की थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पिछली सरकार के फैसले को वापस लेने का निर्णय किया गया।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चीमा ने पत्रकारों से कहा कि पिछली सरकार ने सात किलोवाट तक लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम उस फैसले को आज वापस लेते हैं। ’’
मंत्री ने कहा कि हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा शुरू की गई 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी।
इस निर्णय को वापस लेने से राज्य सरकार को होने वाली आय के बारे में पूछे जाने पर चीमा ने कहा, ‘‘ इससे 1,500-1,800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।’’
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