जरुरी जानकारी | सुधारों को धीमा कर सकती है विरोध वाली राजनीतिः फिच रेटिंग्स
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. फिच रेटिंग्स ने अगले कुछ महीनों में कई देशों में संभावित आम चुनावों के संदर्भ में सोमवार को कहा कि विरोध वाली राजनीति सुधारों को धीमा करने के साथ नीति निर्माण को पटरी से उतार सकती है। इसके अलावा विवादास्पद चुनावों से अल्पावधि वृद्धि को प्राथमिकता मिल सकती है।
नयी दिल्ली, चार दिसंबर फिच रेटिंग्स ने अगले कुछ महीनों में कई देशों में संभावित आम चुनावों के संदर्भ में सोमवार को कहा कि विरोध वाली राजनीति सुधारों को धीमा करने के साथ नीति निर्माण को पटरी से उतार सकती है। इसके अलावा विवादास्पद चुनावों से अल्पावधि वृद्धि को प्राथमिकता मिल सकती है।
रेटिंग एजेंसी फिच ने अपने 'वैश्विक सरकारी परिदृश्य 2024' रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2024 में भारत और अमेरिका के अलावा बांग्लादेश, क्रोएशिया, डोमिनिकन गणराज्य, अल साल्वाडोर, इंडोनेशिया, कोरिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, पनामा, रोमानिया, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका समेत कई देशों में चुनाव होने वाले हैं। वहीं ब्रिटेन में चुनाव जनवरी 2025 के अंत से पहले होने की उम्मीद है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, "विरोध वाली राजनीति सुधारों को धीमा कर सकती है और नीति निर्माण को पटरी से उतार सकती है। विवादास्पद चुनाव दीर्घकालिक संरचनात्मक पहलों पर अल्पावधि वृद्धि को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।"
फिच ने कहा कि मुद्रास्फीति के कम होने से भी सत्तारूढ़ दलों को अधिक फायदा नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर देशों में कीमतें महामारी-पूर्व के स्तर से काफी ऊपर बनी हुई हैं।
इसके अलावा वर्ष 2024 में भी दो प्रमुख संघर्षों के बने रहने से अंतर्राष्ट्रीय माहौल खराब हो गया है जिनमें से कोई भी दीर्घकालिक मुद्दों को हल करने की स्थिति में नहीं है। इन संघर्षों के बढ़ने से तेल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की आशंका है जिसका तेल निर्यातकों और आयातकों पर ऋण संबंधी प्रभाव पड़ सकता है।
फिच के मुताबिक, अमेरिका-चीन के प्रभाव क्षेत्रों से जुड़ी तनातनी वैश्विक व्यापार के विस्तार और सीमाओं के पार पूंजी की निर्बाध तैनाती के लिए अनुकूल नहीं हैं लेकिन इसमें वर्ष 2024 में मामूली सुधार या गिरावट हो सकती है।
फिच ने कहा कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि और वास्तविक ब्याज दरें सरकारी ऋण के लिए महत्वपूर्ण दो वृहद-आर्थिक कारक हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि 2023 के लगभग तीन प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024 में लगभग दो प्रतिशत हो जाएगी।
फिच ने कहा, "उम्मीद है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से सुस्ती आएगी लेकिन मंदी से बची रहेगी। चीन में वृद्धि दर पांच प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है।"
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