देश की खबरें | प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए हवाई पट्टियों का उपयोग कर सकेंगी निजी संस्थाएं : कैबिनेट ने दी मंजूरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को फ्लाइंग क्लबों तथा अकादमियों द्वारा उड्डयन के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए हवाई पट्टियों के उपयोग की नीति को मंजूरी दे दी।

लखनऊ, 16 अगस्त उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को फ्लाइंग क्लबों तथा अकादमियों द्वारा उड्डयन के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए हवाई पट्टियों के उपयोग की नीति को मंजूरी दे दी।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की बैठक में उड्डयन के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों और फ्लाइंग क्लबों/अकादमियों के लिए हवाई पट्टियों के उपयोग की प्रस्तावित नीति को स्वीकृति दे दी गई।

इस नीति के तहत नागर उड्डयन विभाग द्वारा चयनित फ्लाइंग क्लबों तथा अकादमी को अकबरपुर (आंबेडकर नगर), अंधऊ (गाजीपुर), श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, धनीपुर (अलीगढ़), अमहट (सुलतानपुर), म्योरपुर (सोनभद्र), सैफई (इटावा) पलिया (खीरी), झांसी, रसूलाबाद (कानपुर देहात), आजमगढ़ और चित्रकूट जिलों में स्थित कुल 13 हवाई पट्टियों तथा उन पर निर्मित परिसंपत्तियों जैसे कि हैंगर तथा भवन आदि को उड्डयन के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए इजाजत दी जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस वक्त 17 हवाई पट्टियां हैं। 2007 में इन पट्टियों के रखरखाव, सुरक्षा, राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों तथा रोजगार के नए अवसरों के सृजन की प्रतिबद्धता को देखते हुए राज्य द्वारा अपने नियंत्रण और स्वामित्व वाली हवाई पट्टियों का निजी संस्थाओं को उड़ान प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वायुयान अनुरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अनुमति दिए जाने की नीति निर्धारित की गई थी।

उस वक्त क्रियाशील कुल 12 हवाई पट्टियों को निजी सार्वजनिक भागीदारी के तहत निजी संस्थाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति से संबंधित नीति 27 जुलाई 2007 को लागू की गई थी।

प्रवक्ता के मुताबिक, पुरानी नीति के लागू होने से अब तक लगभग 13 साल के दौरान नागर उड्डयन क्षेत्र में काफी बदलाव हो गया है जिसकी वजह से नई नीति लागू किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।

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