देश की खबरें | जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये प्रधानमंत्री के पहल की जी 20 के विभिन्न नेताओं ने सराहना की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जी20 के दो दिनों के विचार-विमर्श में, संगठन के सदस्य देशों के कई नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल की सराहना की। इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने ‘‘मिशन लाइफ’’ सिद्धांत के लिये मोदी की प्रशंसा की।
नयी दिल्ली, 10 सितंबर जी20 के दो दिनों के विचार-विमर्श में, संगठन के सदस्य देशों के कई नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल की सराहना की। इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने ‘‘मिशन लाइफ’’ सिद्धांत के लिये मोदी की प्रशंसा की।
जी 20 की बैठकों एवं सत्रों के दौरान सदस्य देशों के कई नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की और उनकी पहल का समर्थन किया।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ के हवाले से एक सूत्र ने बताया, ‘‘‘एक धरती, एक कुटुंब, एक भविष्य’ का भारत का दृष्टिकोण एक प्रकाश पुंज है, जो मानवता के लिए आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि समूह में और अधिक लोगों को शामिल करने की आवश्यकता को समझने के लिए जी20 का आभारी हूं।’’
फ्रांस के आर्थिक एवं वित्त मंत्री ब्रूनो ली मायेर ने कहा, ‘‘हमें जलवायु परिवर्तन से लड़ने के मकसद से विकासशील देशों के लिए एकजुटता और वित्तपोषण की तलाश करनी होगी ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दो परिवार और दो भविष्य सही रास्ता नहीं होगा। प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी, आपके इस तरह के सहयोग से सफलता मिलेगी।’’
जापान के प्रधानमंत्री ने ‘लाइफ’द् पहल के समर्थन में आवाज उठाई और कहा कि इसका उद्देश्य पर्यावरण के लिए व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव सुनिश्चित करना है।
उन्होंने मोटे अनाज पर भारत के नेतृत्व वाले अनुसंधान की भी सराहना की और इसके महत्व को स्वीकार किया।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बैठक में मोदी के चक्रीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि उनका देश भी इस व्यवस्था को अपना रहा है।
कोमोरोस संघ एवं अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष अज़ाली असौमानी ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भारत के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
जी20 देशों ने शनिवार को कहा कि उनका लक्ष्य 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना और राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप कोयला बिजली को चरणबद्ध तरीके से कम करने के प्रयासों में तेजी लाना है।
हालांकि, जी 20 के सदस्य देशों ने तेल और गैस समेत प्रदूषण फैलाने वाले सभी जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्धता नहीं व्यक्त की ।
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