ताजा खबरें | तमिलनाडु और तमिल जनता से भेदभाव करते हैं प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार: द्रमुक सांसद मारन

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद दयानिधि मारन ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तमिलनाडु और तमिल जनता से भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘‘राज्य की जनता भाजपा-नीत सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।’’

नयी दिल्ली, 24 जुलाई द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद दयानिधि मारन ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तमिलनाडु और तमिल जनता से भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘‘राज्य की जनता भाजपा-नीत सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।’’

मारन ने केंद्रीय बजट 2024-25 पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए इसमें बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए किए गए बजटीय प्रावधानों का उल्लेख किया और कहा कि सरकार दोनों राज्य की मदद कर रही है, अच्छी बात है लेकिन तमिलनाडु जैसे राज्य को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के कामकाज के मॉडल को अपनाना चाहिए, जहां सभी वर्गों के लिए काम किया जाता है।

मारन ने दावा किया, ‘‘आज प्रधानमंत्री उन लोगों के लिए काम नहीं कर रहे जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया।’’

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चुनाव के समय ‘मोदी की गारंटी’ के प्रचार के लिए लाखों करोड़ रुपये सरकारी धन खर्च कर दिया, लेकिन चुनाव के बाद वह गारंटी कहां है।

मारन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को तीन साल से चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के लिए बकाया धन नहीं दिया है और बाढ़ के संकट के समय भी राज्य की मदद नहीं की।

उन्होंने कहा, ‘‘इन्हें तमिलनाडु की कोई चिंता नहीं। हमारे राज्य की अनदेखी क्यों की जा रही है। तमिलनाडु की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।’’

द्रमुक सांसद ने कहा कि सरकार बिहार और आंध्र प्रदेश की सहायता करे, लेकिन अन्य राज्यों को दंडित नहीं करें, यह उसे शोभा नहीं देता।

उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि उक्त दोनों राज्यों के लिए इतना धन कहां से आएगा।

उन्होंने कहा कि देश में यह पांचवां बजट है जब जनगणना नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के तीन साल बाद भी इस कवायद को शुरू नहीं किया गया है, जबकि दुनिया के 140 से अधिक देश महामारी के बाद जनगणना कर चुके हैं।

मारन ने विभिन्न रिपोर्ट का हवाला देते हुए देश में बेरोजगारी की बात कही।

उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने के लिए सरकार ने अलग से जलशक्ति मंत्रालय बनाया, लेकिन क्या वह बता सकती है कि कितनी नदियों को जोड़ा गया? क्या सरकार ‘नदी जोड़ो’ पर कोई श्वेतपत्र जारी कर सकती है।

मारन ने देश में जातीय भेदभाव और सामाजिक अन्याय होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली नीट परीक्षा सामाजिक अन्याय का ही उदाहरण है जिसका तमिलनाडु सरकार विरोध करती है।

द्रमुक सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई बार कह चुके हैं कि वह तमिल को प्यार करते हैं लेकिन उन्होंने तमिल और तमिल लोगों के लिए क्या किया है।

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