विदेश की खबरें | विमान दुर्घटना में प्रिगोझिन की मौत को रूस के बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दो महीने पहले प्रिगोझिन की बगावत ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की साख को खासा नुकसान पहुंचाया था। रूस की नागर विमानन एजेंसी ने बताया है कि प्रिगोझिन और उनकी सेना के छह शीर्ष अधिकारी एक विमान में सवार थे, जो तीन लोगों के चालक दल के साथ बुधवार को मास्को से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दो महीने पहले प्रिगोझिन की बगावत ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की साख को खासा नुकसान पहुंचाया था। रूस की नागर विमानन एजेंसी ने बताया है कि प्रिगोझिन और उनकी सेना के छह शीर्ष अधिकारी एक विमान में सवार थे, जो तीन लोगों के चालक दल के साथ बुधवार को मास्को से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बचावकर्मियों को सभी 10 शव मिल गए हैं। रूसी मीडिया ने प्रिगोझिन के वैगनर समूह के सूत्रों का हवाला दिया जिन्होंने उनकी मृत्यु की पुष्टि की।

अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के अधिकारियों का लंबे समय से मानना था कि 23-24 जून की बगावत को समाप्त करने वाले समझौते में आरोप वापस लेने का वादा करने के बावजूद पुतिन प्रिगोझिन को माफ नहीं करेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में नहीं जानता कि क्या हुआ लेकिन मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं। रूस में ऐसा बहुत कुछ नहीं होता है जिसके पीछे पुतिन न हों।’’

प्रिगोझिन समर्थकों ने मैसेजिंग ऐप के वैगनर समर्थक चैनल पर दावा किया कि विमान को जानबूझकर मार गिराया गया और उन्होंने इसके लिए कई तरह की आशंकाएं जताई हैं।

पुलिस ने उस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी जहां विमान का मलबा गिरा और जांचकर्ताओं ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बुरी तरह से जले हुए शवों को फॉरेंसिक जांच के लिए ले जाने वाले वाहनों को घटनास्थल आते देखा गया।

सेंट पीटर्सबर्ग में वैगनर के मुख्यालय में एक बड़े क्रॉस के आकार में रोशनी की गई। प्रिगोझिन के समर्थकों ने तुरंत बनाए गए एक स्मारक में फूल चढ़ाए।

प्रिगोझिन के मारे जाने के बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन ज्यादातर विश्लेषकों ने वैगनर प्रमुख की मौत को पुतिन के 23 साल के शासन के लिए सबसे गंभीर चुनौती की सजा के रूप में देखा है।

कार्नेगी रूस यूरेशिया सेंटर में वरिष्ठ फैलो तातियाना स्तैनोवाया ने टेलीग्राम पर कहा, ‘‘कोई फर्क नहीं पड़ता कि विमान दुर्घटना का कारण क्या था, हर कोई इसे क्रेमलिन द्वारा की गई बदले की कार्रवाई के रूप में देखेगा।’’

स्तैनोवाया ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पुतिन के दृष्टिकोण से, साथ ही सुरक्षा बलों और सेना के दृष्टिकोण से प्रिगोझिन की मौत उसके किसी भी संभावित समर्थकों के लिए एक सबक होनी चाहिए।’’

प्रिगोझिन के लड़ाकों ने 23 जून को कूच करना शुरू किया और कुछ घंटों में रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में प्रवेश कर गए तथा एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। प्रिगोझिन ने इस कदम को रूसी शीर्ष सैन्य नेताओं को हटाने के लिए ‘‘न्याय का मार्च’’ कहा था, जिन्होंने मांग की थी कि भाड़े के सैनिक रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करें।

पुतिन ने बगावत को ‘‘राजद्रोह’’ और ‘‘पीठ में छुरा घोंपना’’ बताया और इसके दोषियों को दंडित करने का संकल्प लिया, लेकिन कुछ घंटों बाद एक समझौता हो गया जिसके बाद उन्हें बेलारूस जाने की अनुमति दी गई।

समझौते का विवरण सामने नहीं आया था, लेकिन प्रिगोझिन ने कथित तौर पर मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, बेलारूस और अफ्रीका के बीच यात्रा की, जहां उनके भाड़े के लड़ाकों ने अपनी गतिविधियां जारी रखीं।

इस सप्ताह की शुरुआत में, बगावत के बाद प्रिगोझिन का पहला वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि वह अफ्रीका में एक अज्ञात स्थान से बोल रहे हैं जहां वैगनर ‘‘रूस को सभी महाद्वीपों पर और भी महान बना रहा है और अफ्रीका को और भी अधिक स्वतंत्र बना रहा है।’’

दूसरे देशों में प्रिगोझिन की गतिविधियों ने रूस के सैन्य नेतृत्व को कथित तौर पर परेशान कर दिया, जिन्होंने अफ्रीका में वैगनर के लड़ाकों के स्थान पर रूसी सैन्य कर्मियों की तैनाती की मांग की।

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