विदेश की खबरें | अमेरिका के कुछ बिशप से अनबन के बीच पोप से मुलाकात करेंगे राष्ट्रपति बाइडन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बाइडन के शुक्रवार को होने वाले वेटिकन दौरे के तीन सप्ताह से भी कम वक्त में अमेरिकी बिशप बाल्टीमोर में एकत्र होंगे। इसमें शामिल होने वाले कुछ लोग रूढ़िवादियों के उस मत के समर्थन में हैं जिनका कहना है कि गर्भपात का अधिकार देने पर सहमति के चलते बाइडन को ‘कम्यूनियन’ प्राप्त करने के लिए अयोग्य ठहरा देना चाहिए। हालांकि बैठक में पेश होने वाले किसी दस्तावेज में बाइडन के नाम का उल्लेख होने की संभावना नहीं है फिर भी इसकी आशंका है कि उन्हें फटकार के जरिये स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है।
बाइडन के शुक्रवार को होने वाले वेटिकन दौरे के तीन सप्ताह से भी कम वक्त में अमेरिकी बिशप बाल्टीमोर में एकत्र होंगे। इसमें शामिल होने वाले कुछ लोग रूढ़िवादियों के उस मत के समर्थन में हैं जिनका कहना है कि गर्भपात का अधिकार देने पर सहमति के चलते बाइडन को ‘कम्यूनियन’ प्राप्त करने के लिए अयोग्य ठहरा देना चाहिए। हालांकि बैठक में पेश होने वाले किसी दस्तावेज में बाइडन के नाम का उल्लेख होने की संभावना नहीं है फिर भी इसकी आशंका है कि उन्हें फटकार के जरिये स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है।
बाइडन और कैथोलिक पंथ पर किताब लिखने वाले विलानोवा विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक धर्मशास्त्र विषय के प्रोफेसर मासिमो फागियोली ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक होगा।” उन्होंने कहा कि कुछ बिशप के लिए यह बाइडन को धमकी देने जैसा होगा। फागियोली ने कहा, “और उनके पास एक पोप हैं जो एक कैथोलिक राष्ट्रपति के ईसाई संस्कार की रक्षा करेंगे। उन्हें वेटिकन से एक संकेत भेजना चाहिए कि ऐसा करना उचित नहीं होगा।”
पोप कैथोलिक सिद्धांत के झंडाबरदार हैं जिसके अनुसार, गर्भपात कराना या समलैंगिकता की अनुमति नहीं दी जा सकती लेकिन उन्होंने बाइडन की प्राथमिकता वाले कुछ मुद्दों जैसे- पर्यावरण संरक्षण, नस्ली भेदभाव से मुकाबला और गरीबी पर सहमति जताते हुए अमेरिका के कुछ रूढ़िवादी कैथोलिक लोगों को नाराज कर दिया है। फागियोली ने कहा कि पोप और बाइडन बहुत से मुद्दों पर समान विचार रखते हैं।
उन्होंने कहा, “लेकिन दोनों असल में विरोध के तीव्र स्वरों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न विचारधारा के लोगों के विरुद्ध जंग कर रहे हैं।”
जॉन एफ केनेडी के बाद बाइडन अमेरिका के दूसरे कैथोलिक राष्ट्रपति हैं और वह अपनी धार्मिक आस्था का खुलकर प्रचार करते हैं और अकसर नियमित रूप से सामूहिक प्रार्थना में शामिल होते हैं तथा ‘रोजरी’ धारण करते हैं।
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