देश की खबरें | मध्‍य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को भी 23 जुलाई से लगेगा कोविड-19 रोधी टीका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्‍य प्रदेश में अब गर्भवती महिलाओं को भी शुक्रवार से कोविड-19 रोधी टीका लगाया जाएगा। यह जानकारी मध्य प्रदेश के अपर संचालक एवं राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बृहस्पतिवार को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के नियमित टीकाकरण प्रकोष्‍ठ और यूनिसेफ द्वारा मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित एक वेबिनार में दी।

भोपाल, 22 जुलाई मध्‍य प्रदेश में अब गर्भवती महिलाओं को भी शुक्रवार से कोविड-19 रोधी टीका लगाया जाएगा। यह जानकारी मध्य प्रदेश के अपर संचालक एवं राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बृहस्पतिवार को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के नियमित टीकाकरण प्रकोष्‍ठ और यूनिसेफ द्वारा मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित एक वेबिनार में दी।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने विशेष अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को कोवैक्‍सीन टीका लगाने का फैसला किया है। यह अभियान 23 जुलाई से शुरू किया जा रहा है। ’’

शुक्ला ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाते समय वैसी ही सावधानियां रखनी होंगी जो सामान्‍य व्‍यक्ति को रखनी होती हैं। गंभीर शिकायत के चलते अस्‍पताल में भर्ती मरीजों और गंभीर बीमारी से ग्रस्‍त मरीजों को ये टीके नहीं लगेंगे। ऐसे मरीजों को पहले अपनी गंभीर बीमारी का इलाज करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘टीका लगवाने के लिए गर्भवती महिलाएं खाली पेट न आएं।’’ शुक्‍ला ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को भी टीके की दो खुराक दी जाएगीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालांकि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन दोनों प्रकार के टीके उपलब्‍ध हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं को कोवैक्‍सीन लगाने का फैसला इसलिए किया गया है क्‍योंकि इसमें पहले और दूसरे टीके के बीच रखे जाने वाले अंतर की अवधि 28 दिन है। हम चाहते हैं कि ऐसी माताओं को टीके की दोनों खुराक जल्‍द से जल्‍द मिल जाए। ये टीके निर्धारित सरकारी केंद्रों में ही लगाए जाएंगे।

वेबिनार में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड रोधी टीका उतना ही सुरक्षित है जितना सामान्‍य व्‍यक्ति के लिए। इससे गर्भवती महिला या गर्भस्‍थ शिशु को किसी प्रकार की हानि होने के कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं। टीका लगने के बाद कुछ सामान्‍य से लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे हलका बुखार आना या फिर टीके वाली जगह पर थोड़ा दर्द होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

यूनिसेफ की स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को टीका लगाना इसलिए जरूरी है क्‍योंकि इस बीमारी से उन्‍हें और उनके होने वाले बच्‍चे को खतरे की आशंका अधिक है। ऐसे में टीका मां और बच्‍चे दोनों के बचाव का प्रभावी उपाय है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\