देश की खबरें | जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए राजनीतिक दलों को एकजुट हो जाना चाहिए: कर्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तारिक हमीद कर्रा ने जम्मू कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने के उद्देश्य से साझा रुख अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को भुलाना होगा क्योंकि राज्य का दर्जा किसी राजनीतिक पार्टी विशेष का विशेषाधिकार न होकर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
जम्मू, आठ मार्च कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तारिक हमीद कर्रा ने जम्मू कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने के उद्देश्य से साझा रुख अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को भुलाना होगा क्योंकि राज्य का दर्जा किसी राजनीतिक पार्टी विशेष का विशेषाधिकार न होकर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बजट पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कर्रा ने कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक जनादेश के सम्मान में, हमें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक दृढ़ स्वर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करनी चाहिए।’’
उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पेश किए गए पहले बजट का स्वागत करते हुए इसे ‘जीवन रेखा’ तथा ‘अलोकतांत्रिक व्यवस्था’ के सात वर्षों के बाद ‘एक साहसिक कदम’ करार दिया।
उनका कहना था कि 2025-26 के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये का बजट केंद्र शासित प्रदेश में बहु-क्षेत्रीय कल्याण और विकास पर केंद्रित है।
कर्रा ने कहा, ‘‘ राज्य का दर्जा किसी एक राजनीतिक इकाई का विशेषाधिकार नहीं है। यह जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक का अधिकार है। यह संसद में हमसे किया गया एक वादा है - एक ऐसी संकल्प जिसे हम पवित्र मानते हैं। इस वादे से भी बढ़कर, यह जम्मू-कश्मीर के नागरिकों का सम्मान और गरिमा है।’’
कांग्रेस नेता ने मौजूदा विधानसभा को ‘असाधारण परिस्थितियों में काम करने वाला असाधारण सदन’ बताया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक संस्था है, जो लंबे संघर्ष के बाद लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक है तथा उसका श्रेय उच्चतम न्यायालय की बुद्धिमत्ता को जाता है।
कर्रा ने अगले चार से पांच वर्षों में अर्थव्यवस्था में पर्यटन के योगदान को सात प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बजट अनुमान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और जम्मू-कश्मीर को वैश्विक पर्यटन महाशक्ति बनाने के लिए स्विट्जरलैंड और थाईलैंड जैसे वैश्विक पर्यटन केंद्रों को अपना मापदंड बनाना चाहिए।’’
मानवीय मुद्दों पर, कर्रा ने कश्मीरी पंडितों और 1947, 1965 और 1971 के शरणार्थियों के लिए एक व्यापक और ठोस पुनर्वास योजना की मांग की।
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