विदेश की खबरें | फिलीपीन की सेना ने विवादित समुद्र में चीन तटरक्षकों की ओर से ‘वाटर कैनन’ के इस्तेमाल की निंदा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दोनों देशों के बीच शनिवार को यह तनाव दूसरे थॉमस शोल पर हुआ। यह चीन, फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई के बीच सीमा विवाद को लेकर नवीनतम संघर्ष है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दोनों देशों के बीच शनिवार को यह तनाव दूसरे थॉमस शोल पर हुआ। यह चीन, फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई के बीच सीमा विवाद को लेकर नवीनतम संघर्ष है।

दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक दक्षिण चीन सागर में जारी विवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से अमेरिका और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता के केंद्र के अलावा एशिया में टकराव का बिंदु माना जाता है।

दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के विशाल क्षेत्रीय दावों को अमान्य करने वाले अंतरराष्ट्रीय फैसलों के बावजूद चीन लगभग पूरे रणनीतिक जलमार्ग पर स्वामित्व का दावा करता है।

फिलीपीन की सेना और तटरक्षक बल के अधिकारियों ने बताया कि फिलीपीन की नौसेना के नाविक दो विशेष आपूर्ति नौकाओं पर सवार थे और द्वितीय थॉमस शोल की ओर जा रहे थे, जिनकी सुरक्षा फिलीपीन तटरक्षक बल की नौकाएं कर रहीं थी, तभी चीन के तटरक्षक बल की नौका वहां पर पहुंची और शक्तिशाली पानी की बौछारों से फिलीपीन को शोल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। उक्त शोल पर चीन भी अपना दावा करता है।

फिलीपीन के शस्त्र बल ने कहा कि चीन के पोत से की गई कार्रवाई ने ‘‘नौका पर सवार लोगों की सुरक्षा को नजरंदाज किया और 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री संधि सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि इस घटना में कोई नाविक घायल हुआ है या नहीं।

फिलीपीन की सेना ने एक बयान में कहा कि तट के पास फिलीपीनी जहाजों के खिलाफ अत्यधिक और आक्रामक कार्रवाइयों ने दो नौकाओं में से एक को सैनिकों के लिए आवश्यक रसद की आपूर्ति करने से रोक दिया। इसने चीनी तटरक्षक और चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग से विवेक के साथ कार्य करने और लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाली दुर्घटनाओं को रोकने को लेकर जिम्मेदार होने का आह्वान किया है।

दुनिया के कई देशों ने चीनी जहाज की इस हरकत पर चिंता जताई है।

अमेरिका ने भी फिलीपीन के मामले में समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि अगर फिलीपीन के पोत पर हमला किया गया तो वह दक्षिण चीन सागर सहित सभी स्थानों पर फिलीपीन की रक्षा करने संबंधी समझौते का अनुपालन करेगा।

अमेरिका के विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि चीन की ओर से पानी की बौछार करके और असुरक्षित तरीके से रास्ते को रोक कर फिलीपीन के समुद्र में नौवहन के कानूनी अधिकार का उल्लंघन किया गया है और फिलीपीन की नौका और चालक दल की सुरक्षा को खतरे में डाला गया है।

ऑस्ट्रेलिया ने चीनी तटरक्षक जहाज की हरकतों को खतरनाक और अस्थिर करने वाला बताते हुए अपनी चिंता व्यक्त की है।

जापान ने कहा कि वह फिलीपीन का समर्थन करता है, और नौवहन सुरक्षा को खतरे में डालने वाली एवं समुद्र की वैध गतिविधियों का उल्लंघन करने वाली उत्पीड़क कार्रवाई उसे पूरी तरह अस्वीकार्य है।

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