देश की खबरें | कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों की मदद को लेकर हरदीप पुरी की प्रशंसा कर रहे लोग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शनिवार को सोनभद्र जिले के दौरे पर पहुंचे पुरी ने अनाथ बच्चों के बीच राशन किट और सहायता राशि का वितरण तो किया ही, उनके भविष्य के लिए एक भरोसा भी दिया।
शनिवार को सोनभद्र जिले के दौरे पर पहुंचे पुरी ने अनाथ बच्चों के बीच राशन किट और सहायता राशि का वितरण तो किया ही, उनके भविष्य के लिए एक भरोसा भी दिया।
उन्होंने बच्चों को सहायता धनराशि वितरित करने के बाद कहा, ''2017 में जब वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए तो उन्होंने सोनभद्र को गोद लिया था और यहां अकसर आना-जाना लगा रहता था, लेकिन इस बार यहां आने का जो मकसद है, वह महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों से मिलने का था।''
पुरी ने कहा, ''इन बच्चों के लिए यह फर्ज बनता है कि जिस किस्म की सहायता हो, उनकी मदद की जाए, इसलिए उन्हें सहायता राशि दी गई है और आने वाले समय में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और जो समस्याएं उनके समक्ष आती हैं उनको हर स्तर से मदद की जाएगी।''
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गयी है, उन्हें मंत्री द्वारा 10,000 रुपये एवं जिनके माता अथवा पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गयी है उन्हें 5,000 रुपये की सहायता प्रदान किए जाने के साथ ही प्रत्येक लाभार्थी को 15 किलोग्राम राशन की किट भी दी गयी।
इस संबंध में एक कार्यकर्ता ने बताया कि सहायता राशि से लेकर राशन किट एवं कार्यक्रम के सम्पूर्ण व्यय का वहन पुरी ने व्यक्तिगत स्तर पर किया और इसलिए यह कार्यक्रम भाजपा कार्यालय में आयोजित किया गया।
गौरतलब है कि जिले के शांति नगर थाना क्षेत्र के घरसड़ी निवासी सात वर्षीय सोनी और उसके चार वर्षीय छोटे भाई कार्तिक के माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी लेकिन दोनों बच्चे अपनी नानी पार्वती के पास गुजर बसर कर रहे थे। कोरोना महामारी ने दोनों बच्चों का सहारा बनी उनकी बूढ़ी नानी को भी अपनी चपेट में लिया और गत आठ मई को उनकी मौत हो गई। दोनों बच्चे एक स्थानीय समाजसेवी संस्था के संरक्षण में पलने लगे। इन बच्चों की सहायता के लिए भी पुरी आगे आए और उन्होंने उनका भविष्य सुधारने का संकल्प लिया।
शक्तिनगर निवासी एवं 12वीं पास पंकज (16) के पिता की मौत के बाद उसके सामने भी भविष्य की चुनौती आ गई लेकिन इस सहायता से राहत मिली।
पंकज ने 'पीटीआई-' से कहा, ''मंत्री जी के इस कदम से हम जैसे लोगों को उम्मीद बंधी है और यह भरोसा मिला है कि भविष्य में शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा भी हमारा ध्यान रखा जाएगा।''
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