विदेश की खबरें | अमेरिकी ठिकानों को मजबूत करने से संबंधित पेंटागन की रिपोर्ट चीन को घेरने का प्रयास: अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों का सामना करने के लिए गुआम और ऑस्ट्रेलिया में अमेरिकी ठिकानों को बढ़ाने से संबंधित पेंटागन की एक रिपोर्ट पर बीजिंग ने मंगलवार को आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कदम हिंद-प्रशांत को ''घेरने और नियंत्रित करने'' के वाशिंगटन के प्रयासों को पूरी तरह से उजागर करता है।

बीजिंग, 30 नवंबर चीन द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों का सामना करने के लिए गुआम और ऑस्ट्रेलिया में अमेरिकी ठिकानों को बढ़ाने से संबंधित पेंटागन की एक रिपोर्ट पर बीजिंग ने मंगलवार को आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कदम हिंद-प्रशांत को ''घेरने और नियंत्रित करने'' के वाशिंगटन के प्रयासों को पूरी तरह से उजागर करता है।

अमेरिका की एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने सोमवार को कहा था कि चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी सेना को बेहतर तरीके से तैयार करने के उद्देश्य से पेंटागन गुआम और ऑस्ट्रेलिया में ठिकाने बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

इस कदम को रक्षा विभाग की वैश्विक स्थिति समीक्षा के तहत उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने फरवरी में पदभार संभालने के तुरंत बाद रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन को इस समीक्षा का आदेश दिया था।

नीति संबंधी मामलों पर उप अवर सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहीं डॉक्टर मारा कार्लिन ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बाइडन ने वैश्विक स्थिति समीक्षा से संबंधित ऑस्टिन के निष्कर्षों और सिफारिशों को ''हाल में मंजूरी'' दी है।

'सीएनएन' ने अधिकारी के हवाले से कहा कि यह समीक्षा चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग को ''गुआम और ऑस्ट्रेलिया में बुनियादी ढांचे'' को बढ़ाने और ''प्रशांत द्वीपों में सैन्य निर्माण को प्राथमिकता देने के साथ-साथ'' सैन्य साझेदारी गतिविधियों के लिए अधिक क्षेत्रीय पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश देती है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां प्रेस वार्ता में इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कहा: ''पेंटागन की रिपोर्ट तथाकथित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का सैन्यीकरण करने तथा इसे घेरने और चीन को रोकने के उसके वास्तविक इरादों को पूरी तरह से उजागर करती है।''

झाओ ने कहा, “चीन को खतरा बताकर सैन्य रक्षा व सैन्य शक्ति के विस्तार और सैन्य आधिपत्य बनाए रखने के अमेरिका के प्रयासों का चीन कड़ा विरोध करता है। अमेरिकी पक्ष को एक काल्पनिक दुश्मन खड़ा करने की अपनी शीत युद्ध की मानसिकता को छोड़ देना चाहिए और विश्व शांति व सुरक्षा को खतरे में डालना बंद कर देना चाहिए।''

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