देश की खबरें | विमान में पेशाब करने का मामलाः मिश्रा ने आंतरिक जांच के निष्कर्षों से असहमित जताई

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर एअर इंडिया के विमान में एक बुजुर्ग महिला पर कथित तौर पर पेशाब करने के मामले में हुई आंतरिक जांच के निष्कर्षों पर असहमति जताते हुए आरोपी शंकर मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि उनपर चार महीने तक हवाई सफर पर लगाई गई रोक विमान के खाके की गलत समझ पर आधारित है।

अपने वकील के जरिये जारी बयान में मिश्रा ने कहा कि लागू नियमों के आधार पर फैसले के खिलाफ अपील की कार्रवाई की जा रह ही है।

आरोप है कि मिश्रा पिछले साल 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली आने वाली एअर इंडिया की उड़ान में शराब के नशे में थे और उन्होंने अपनी सह यात्री बुजुर्ग महिला पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया था। हालांकि, उन्होंने पूरे मामले को स्तब्ध करने वाला नया मोड़ देते हुए दावा किया था कि महिला ने उनपर पेशाब किया था।

विमानन कंपनी ने बृहस्पतिवार को मिश्रा के उसकी उड़ानों में चार महीने तक सवार होने पर रोक लगाते हुए कहा था कि तीन सदस्यीय समिति ने उन्हें ‘ उद्दंड यात्री’ की श्रेणी में पाया है।

अधिवक्ता इशानी शर्मा और अक्षत बाजपेयी द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘हम खासतौर पर यह रुख रखना चाहते हैं कि आंतरिक जांच समिति का फैसला विमान के खाके को लेकर गलत समझ पर आधारित है। जब समिति ने उचित तथ्य नहीं पाया कि कैसे आरोपी ने 9ए संख्या सीट पर बैठी शिकायतकर्ता पर 9सी सीट संख्या पर बैठे यात्री को प्रभावित किए बिना पेशाब किया तो मान लिया कि सीट संख्या 9बी बिजेनस श्रेणी की थी।’’

बयान में कहा गया, ‘‘ इन निराधार और गलत अनुमानों के आधार पर समिति ने संभावित तौर पर यह गढ़ लिया कि आरोपी ने उक्त अवैध कृत्य किया होगा।’’

मिश्रा ने कहा कि समिति का निष्कर्ष और नतीजे इस तथ्य के मद्देनजर स्तब्ध करने वाला है कि समिति में दो विमानन विशेषज्ञ थे।

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