देश की खबरें | कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों को एमआरएनए के केवल एक खुराक की जरूरत हो सकती है : वैज्ञानिक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हुए लोगों को टीके की दो खुराक के बजाए केवल एक खुराक की जरूरत हो सकती है अगर वे मॉडर्ना या फाइजर का कोविड-19 क टीका लगवा रहे हैं। यह जानकारी एक अध्ययन में दी गई है जिसमें टीके की आपूर्ति सीमित संख्या में होने की स्थिति में खुराक कम करने के तरीके सुझाए गए हैं।

नयी दिल्ली, चार फरवरी कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हुए लोगों को टीके की दो खुराक के बजाए केवल एक खुराक की जरूरत हो सकती है अगर वे मॉडर्ना या फाइजर का कोविड-19 क टीका लगवा रहे हैं। यह जानकारी एक अध्ययन में दी गई है जिसमें टीके की आपूर्ति सीमित संख्या में होने की स्थिति में खुराक कम करने के तरीके सुझाए गए हैं।

विशेषज्ञों ने इस अध्ययन की अभी समीक्षा नहीं की है और न ही यह अभी प्रकाशित हुआ है। इसमें 109 व्यक्तियों में रोग प्रतिरोधी क्षमता का आकलन किया गया है।

अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक एमआरएनए टीका की एक खुराक उन व्यक्तियों में ज्यादा असरदार होता है जो वायरस से उबर चुके हैं और उनमें कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी हुई है। अनुसंधानकर्ताओं में अमेरिका के इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन के फ्लोरियन क्रैमर भी शामिल हैं।

अध्ययन में वैज्ञानिकों ने लिखा है, ‘‘सार्स कोव-2 से जो लोग उबर चुके हैं उनमें टीके की पहली खुराक ‘बूस्टर खुराक’ का काम करती है।’’

अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एमआरएनए टीकों का विश्लेषण किया जिसमें वायरल जेनेटिक सामग्री के हिस्सों का इस्तेमाल किया गया है।

वैज्ञानिकों ने कहा कि कोविड-19 से उबर चुके रोगियों में टीका लगाए जाने के बाद रोग प्रतिरोधक के स्तर की तुलना उन लोगों से की गई जिन्हें संक्रमण नहीं हुआ और जिन्हें टीके की दो खुराक लगाई गई।

एक अन्य शोध में स्वास्थ्यकर्मियों को दिए गए फाइजर-बायोएनटेक या मॉडर्ना टीके के एकल खुराक पर रोग प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया गया।

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