देश की खबरें | ‘पठान’: सुबह-सुबह फिल्म देखने पहुंचे दर्शक, तालियों और सीटियों से गूंजे सिनेमाघर
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(रवि बंसल)
नयी दिल्ली, 25 जनवरी शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के खिलाफ देशभर में जारी अभियान के बावजूद बुधवार सुबह सिनेमाघरों के बाहर फिल्म देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ नजर आई।
‘पठान’ बुधवार को सुबह भारत में 5000 स्क्रीन पर रिलीज की गई। फिल्म जगत से जुड़े लोग न सिर्फ शाहरुख के लिए बल्कि हिंदी सिनेमा पर छाए काले बादल हटाने के लिए भी फिल्म से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और मुंबई सहित कई शहरों में सुबह छह और सात बजे फिल्म का पहला शो चलाया गया।
दक्षिण दिल्ली के पीवीआर सेलेक्ट सिटीवॉक पर सुबह छह बजकर 55 मिनट पर सिनेमाघर में सीटियां और तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
दर्शकों से भरे आईएमक्स थिएटर में हो हल्ले से ऐसा लगा कि सुपरस्टार की वापसी हो गई है।
इससे पहले शाहरुख की फिल्म ‘जीरो’, ‘फैन’ और ‘जब हैरी मेट सेजल’ ने काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया था।
जासूसी-थ्रिलर देखने के लिए दक्षिण दिल्ली के मॉल में इकट्ठा हुए सैकड़ों लोगों में से एक उत्साही युवा महिला ने कहा कि वह जनवरी की ठंड में अपनी नींद का बलिदान देकर केवल शाहरुख के लिए पहला शो देखने आई हैं।
शो शुरू होते ही पर्दे पर ‘पठान’ का सीबीएफसी प्रमाण पत्र प्रदर्शित होते ही लोगों ने तालियां बजाना शुरू कर दिया और यह उत्साह अगले दो घंटे 26 मिनट तक जारी रहा।
फिल्म निर्माण कंपनी ‘यशराज फिल्म्स’ के बैनर तले बनी इस फिल्म में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म गीत ‘बेशरम रंग’ को लेकर काफी विवादों में आ गई थी।
पर्दे पर जॉन अब्राहम की एंट्री पर लोगों ने काफी तालियां बजाई लेकिन उनका उत्साह शाहरुख की एंट्री पर अधिक हो गया। शाहरुख के पहले संवाद ‘‘जिंदा है’’ ने लोगों का दिल जीत लिया। इसके साथ ही ‘‘ अपनी कुर्सी की पेटी बांध लो, मौसम बिगड़ने वाला है’’ पर भी लोगों ने काफी तालियां बजाई। वहीं विवादों में रहे गीत ‘बेशरम रंग’ के साथ ही फिल्म में दीपिका बड़े पर्दे पर पहली बार नजर आईं।
सिनेमाघर में मध्यांतर तक यही जोश बरकरार रहा। फिल्म के दोबारा शुरू होने पर सलमान खान की एंट्री ने लोगों का दिल जीता और सिनेमाघर तालियों और सीटियों के शोर से गूंज उठा।
फिल्म के अंत में शाहरुख के संवाद ‘‘पार्टी पठान के घर रखोगे तो मेहमान नवाज़ी के लिए पठान तो आएगा और पटाखे भी लाएगा’’ ने एक बार फिर लोगों में जोश भरा।
फिल्म देखने पहुंचे वसीम ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘ मैं कभी सुबह सात बजे कोई फिल्म देखने नहीं आया, लेकिन इस बार मैं यह फिल्म देखना चाहता था। शाहरुख सर की फिल्म चार साल बाद आई है और मैं इसे देखने का मौका नहीं खोना चाहता था।’’
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