ताजा खबरें | संसदीय समिति ने भारतनेट परियोजना के कार्यान्वयन की गति में तेजी लाने की जरूरत बतायी

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने देश के छह लाख गांवों में इंटरनेट सम्पर्क प्रदान करने के लिये भारतनेट परियोजना के दूसरे चरण के कार्यान्वयन की गति में तेजी लाने की जरूरत रेखांकित की है।

नयी दिल्ली, 22 मार्च संसद की एक समिति ने देश के छह लाख गांवों में इंटरनेट सम्पर्क प्रदान करने के लिये भारतनेट परियोजना के दूसरे चरण के कार्यान्वयन की गति में तेजी लाने की जरूरत रेखांकित की है।

साथ ही समिति ने देश के 16 राज्यों में निजी सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से भारतनेट के लिए तैयार किये जा रहे संशोधित मॉडल को शीघ्र अंतिम रूप देने को भी कहा है।

संसद में सोमवार को पेश संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के 32वें प्रतिवेदन में यह बात कही गई है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 जून 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के 16 राज्यों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) प्रणाली के माध्यम से संशोधित कार्यान्वयन प्रणाली को अगस्त 2023 तक के लिए मंजूरी दी थी।

इसमें कहा गया है कि भारतनेट को सभी बसावट वाले गांव तक ले जाने का प्रस्ताव किया गया है। इन 16 राज्यों में केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

समिति ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव के लिए 27 जनवरी 2022 को आशयपत्र आमंत्रित किये गये, फिर भी बोली पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक भारतनेट के एक भाग के रूप में संशोधित मॉडल तैयार किया जा रहा है ।

समिति को बताया गया है कि निजी सार्वजनिक भागीदारी, राज्य संचालित और सरकारी क्षेत्र द्वारा संचालित अनेक बहुविध प्रणालियों के माध्यम से देश के सभी गांवों तक इसे विभिन्न चरणों में पहुंचाया जाएगा।

समिति यह नोट करके चिंतित है कि 8 राज्यों में राज्य संचालित मॉडल एवं बीएसएनएल संबंधित कार्यक्रम की गति धीमी है और इससे भारतनेट के दूसरे चरण के कार्यान्वयन की प्रगति धीमी रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के दौरान प्रतिबंधों के कारण समय से संगत अनुमोदन और मंजूरी मिलने में विलंब, राज्यों द्वारा परियोजनाओं का खराब कार्यान्वयन और बीएसएनल के आंतरिक मुद्दों के कारण उसकी क्षमता संबंधी बाधाएं और वित्तीय स्थिति के कारण भी दूसरे चरण की प्रगति प्रभावित हुई ।

इसमें कहा गया है कि समिति महसूस करती है कि भारतनेट परियोजना के कार्यान्वयन की गति में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है क्योंकि लक्ष्य सभी बसावट वाले गांव अर्थात 6 लाख गांव के अंतिम छोर तक संपर्क प्रदान करना है।

समिति यह इच्छा व्यक्त करती है कि 16 राज्यों में निजी सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से भारतनेट के लिए तैयार किये जा रहे संशोधित मॉडल को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए ताकि परियोजनाओं का कार्यान्वयन बिना किसी विलंब के आगे बढ़ सके।

समिति सिफारिश करती है कि सभी बसावट वाले गांवों तक ब्रॉडबैंड सुविधा प्रदान करने के लिए विचाराधीन एक परियोजना को अंतिम रूप दिया जाए और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी शीघ्र प्राप्त की जाए।

समिति ने वित्त वर्ष 2022-23 में विस्तृत प्रगति से अवगत कराने को कहा है।

दीपक

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